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न थर्मल स्क्रीनिंग और न ही टेस्टिंग
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मैनपुरी। रोडवेज बस स्टैंड पर कोरोना नियंत्रण व्यवस्था दिखावे भर की है। बसों से आने-जाने वालों के लिए न तो थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है और न ही टेस्टिंग की सुविधा है। थर्मल स्क्रीनिंग सिर्फ इसलिए नहीं हो रही है, क्योंकि यहां थर्मल स्कैनर खराब है।
शहर के अलावा अब देहात में भी कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। दूसरे जिलों में रहने वाले लोग घरों के लिए आ रहे हैं। शासन के आदेश पर एक महीने पहले रोडवेज बस स्टैंड पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन काउंटर लगाकर थर्मल स्क्रीनिंग और टेस्टिंग की व्यवस्था की गई थी। कुछ दिनों तक यह व्यवस्था चलती रही। बाद में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने आना ही बंद कर दिया। अब रोडवेज बस स्टैंड पर न तो थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है और न ही टेस्टिंग की सुविधा है। बस स्टैंड परिसर में बसों का इंतजार करने वाले यात्री बिना मास्क और सामाजिक दूरी का पालन किए बिना बैठे और घूमते नजर आते हैं।
कोविड हेल्पडेस्क बनी शोपीस
रोडवेज बस स्टैंड परिसर में कोविड हेल्पडेस्क बनाई गई है। यहां कर्मचारियों की तैनाती है। कोविड हेल्पडेस्क पर कर्मचारी बैठते भी हैं, लेकिन बस स्टैंड परिसर में कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए पहल नहीं करते हैं। बाहर से आने और जाने वालों का ब्योरा तक दर्ज नहीं किया जाता है। जबकि एक महीने पहले डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने यात्रियों का पूरा ब्योरा दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
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- रोडवेज बस से आने-जाने वालों के लिए बस स्टैंड पर थर्मल स्क्रीनिंग और एंटीजन टेस्टिंग की व्यवस्था की गई थी। तीन दिनों से कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। हालांकि यात्रियों की संख्या भी कम हुई है। फिर भी अहतियात बरतना जरूरी है। - पीके श्रीवास्तव, एआरएम।
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शहर के अलावा अब देहात में भी कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। दूसरे जिलों में रहने वाले लोग घरों के लिए आ रहे हैं। शासन के आदेश पर एक महीने पहले रोडवेज बस स्टैंड पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन काउंटर लगाकर थर्मल स्क्रीनिंग और टेस्टिंग की व्यवस्था की गई थी। कुछ दिनों तक यह व्यवस्था चलती रही। बाद में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने आना ही बंद कर दिया। अब रोडवेज बस स्टैंड पर न तो थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है और न ही टेस्टिंग की सुविधा है। बस स्टैंड परिसर में बसों का इंतजार करने वाले यात्री बिना मास्क और सामाजिक दूरी का पालन किए बिना बैठे और घूमते नजर आते हैं।
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कोविड हेल्पडेस्क बनी शोपीस
रोडवेज बस स्टैंड परिसर में कोविड हेल्पडेस्क बनाई गई है। यहां कर्मचारियों की तैनाती है। कोविड हेल्पडेस्क पर कर्मचारी बैठते भी हैं, लेकिन बस स्टैंड परिसर में कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए पहल नहीं करते हैं। बाहर से आने और जाने वालों का ब्योरा तक दर्ज नहीं किया जाता है। जबकि एक महीने पहले डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने यात्रियों का पूरा ब्योरा दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
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- रोडवेज बस से आने-जाने वालों के लिए बस स्टैंड पर थर्मल स्क्रीनिंग और एंटीजन टेस्टिंग की व्यवस्था की गई थी। तीन दिनों से कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। हालांकि यात्रियों की संख्या भी कम हुई है। फिर भी अहतियात बरतना जरूरी है। - पीके श्रीवास्तव, एआरएम।