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लगातार हो रही बारिश से सडने की कगार पर पहुंचा गेहूं और आलू

Fri, 06 Mar 2020 10:48 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2020 10:48 PM IST
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havy raininy in mainpuri
06एमएनपी-13-बारिश के चलते खेतों में बिछी गेहूं की फसल - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। मौसम की मार ने किसानों को सड़क पर ला दिया है। लगातार तीसरी बार शुक्रवार को बारिश होने से अब गेहूं और आलू की फसल खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। पहले ही तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं के खेतों में बिछ गया था। अब जलभराव से सड़ने भी लगा है।
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गेहूं और आलू की फसल अच्छी होने के चलते इस बार किसानों को बेहतरी की उम्मीद थी लेकिन बारिश ने उनके सारे अरमानों पर पानी फेर दिया है। 29 फरवरी को तेज हवा के साथ पूरी रात हुई बारिश से गेहूं, सरसों और आलू की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। जब तक खेतों से पानी सूख पाता उससे पहले बृहस्पतिवार को फिर से हुई बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद फसलों में करीब 12 प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया गया है। शुक्रवार की सुबह दो घंटे बारिश होने से अब गिरी हुई फसल में जलभराव हो गया है। इससे गेहूं और आलू की फसल में सड़न शुरू हो जाएगी। किसान परेशान हैं, क्योंकि उन्हें अब गेहूं की फसल में कुछ भी हाथ आता नहीं आ रही है। उन्हें डर हैं कि कहीं उन्हें लागत के रुपये भी कर्ज लेकर न चुकाने पड़ें।
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गेहूं में दो हजार तो आलू में पांच हजार रुपये प्रति बीघा है लागत
किसानों के अनुसार लागत भी अब तक खेतों में भरपूर लग चुकी है। खेतों की बुवाई से लेकर अब तक गेहूं की फसल पर किसानों ने करीब दो हजार रुपये प्रति बीघा का खर्चा किया है। वहीं आलू की फसल में उन्हें पांच हजार रुपये प्रति बीघा तक की लागत लगानी पड़ी है।
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फसल बीमा से भी नहीं मिलता दिख रहा लाभ
रबी की फसल में जिले के 17,704 ने फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया था। ये वे किसान हैं, जिन्होंने अपनी फसल पर केसीसी लिया था लेकिन फसल बीमा से भी किसानों को कोई खास लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि अभी तक नुकसान का आंकड़ा ही साफ नहीं हो पाया है।

किसानों की बात
मौसम के कहर के कारण लगातार नुकसान हो रहा है। सरकार को नुकसान का आंकलन करने के बाद मुआवजा दिलाने के लिए आदेश देने चाहिए।
दिनेश कुमार।
गेहूं और आलू की फसल में भारी नुकसान हुआ है। किसानों के लिए तो अब लागत निकालना भी मुश्किल होगा। किसानों के सामने बड़ा संकट आ गया है।
जगवीर सिंह।
बेमौसम बारिश ने किसानों को पूरी तरह तोड़ दिया है। एक ओर जहां आर्थिक नुकसान हुआ है तो खाने के लिए भी फसल नहीं है। किसान करें तो क्या करें।
श्रीचंद्र।
मौसम के कारण फसलों में लगातार नुकसान हो रहा है। वहीं अभी दूर-दूर तक मौसम साफ होता नजर नहीं आ रही है। ऐसे में फसलें चौपट हो जाएंगी।
मलिखान सिंह।
सभी तहसीलों में बारिश से फसलों में हुए नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर ही स्थिति साफ हो सकेगी। अब तक दस प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
-बी राम, एडीएम।
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