हिंसा की साजिश का मामला: मथुरा जेल में बंद सिद्दीक कप्पन के आवाज के नमूने अभी नहीं लेगी एसटीएफ
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हाथरस कांड के बाद दंगे की साजिश के आरोप में मथुरा जेल में बंद कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) के सदस्य सिद्दीक कप्पन की आवाज के नमूने लेने संबंधी प्रार्थनापत्र एसटीएफ (विशेष कार्य बल) ने अदालत से वापस ले लिया है। इस मुद्दे पर कप्पन के अधिवक्ता ने सुरक्षा संबधी मामला उठाया था। इधर, लखनऊ जेल में बंद अंसद और फिरोज खान के बयान एसटीएफ ने ले लिए हैं। अब एसटीएफ दोनों आरोपियों को बी वारंट पर मथुरा लाने की तैयारी में है।
मथुरा जेल में बंद सीएफआई सदस्य सिद्दीक कप्पन को गुरुवार को एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे की अदालत में पेश किया गया। अदालत में एसटीएफ ने सिद्दीक कप्पन की आवाज के नमूने लेने के लिए लखनऊ ले जाने की अनुमति मांगी। इस पर कप्पन के दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मैथ्यू विल्स ने विरोध करते हुए सुरक्षा पर प्रश्न उठाया।
उन्होंने अदालत से कहा कि आवाज के नमूने के लिए कप्पन को चंडीगढ़ अथवा दिल्ली ले जाया जाए। लखनऊ में उसकी जान को खतरा हो सकता है। इसके बाद एसटीएफ ने प्रार्थनापत्र वापस ले लिया। इधर, एसटीएएफ की एक टीम ने बुधवार को लखनऊ जेल पहुंचकर एटीएस द्वारा गिरफ्तार सीएफआई सदस्य अंसद और फिरोज खान के बयान लिए।
इन बयानों के आधार एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम की अदालत में पहुंचकर बी वारंट के लिए आवेदन किया। इस आवेदन पर अदालत ने दोनों को आठ मार्च को अदालत में हाजिर करने का आदेश दिया। इस संबंध में जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) शिवराम तरकर ने बताया कि एसटीएफ ने अंसद और फिरोज खान के लिए बी वारंट का आदेश प्राप्त किया है। हालांकि सिद्दीक कप्पन के आवाज के नमूने के लिए ले जाने का प्रार्थनापत्र वापस ले लिया है।
मथुरा जेल में ही लिए जाएंगे लिखावट के नमूने
डीजीसी ने बताया कि एसटीएफ द्वारा कप्पन की लिखावट के नमूने जिला जेल में ही लिए जाएंगे। इस दौरान हैंडराइटिंग विशेषज्ञों की टीम जिला जेल जाएगी। हैंडराइटिंग के नमूनों को लैब भेजा जाएगा। साथ ही एसटीएफ द्वारा जांच के लिए उन दस्तावेजों की राइटिंग भी दी जाएगी, जिनसे सिद्दीक की राइटिंग मैच करानी है।
रऊफ ने लगाया जमानत प्रार्थनापत्र
जेल में बंद सीएफआई सदस्य रऊफ शरीफ के अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने गुरुवार को अदालत में जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया। अदालत ने जमानत पर सुनवाई के लिए 10 मार्च की तिथि तय की है। अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने एसटीएफ द्वारा सीएफआई दफ्तर में मारे गए छापे की शिकायत पर भी अदालत अग्रिम तारीख पर सुनवाई करेगी।