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Hathras Accident: अब वो सुर कभी नहीं सजेंगे....नहीं गूंजेंगी धुनें, हादसे में बैंड संचालक का पूरा परिवार खत्म
Mon, 09 Sep 2024 11:57 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 09 Sep 2024 11:57 AM IST
सार
प्रकाश बैंड के संचालक का पूरा परिवार हाथरस हादसे में खत्म हो गया। बैंड के संचालक मुन्ना अपने चचेरे भाइयों के साथ मिलकर धुनें बनाते और सुर सजाते थे। अब इस बैंड में सुर सजाने वाले बचे न ही धुन तैयार करने वालों में कोई बचा है।
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Hathras Road Accident
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाथरस सड़क हादसे के बाद सैमरा गमजदा है। चार भाइयों के परिवार ने अपने कलेजे के टुकड़े ही नहीं खोए, उनकी रोजी-रोटी का जरिया भी छिन गया। परिवार का प्रकाश बैंड है। बैंड के संचालक मुन्ना अपने चचेरे भाइयों के साथ मिलकर धुनें बनाते और सुर सजाते थे। अब इस बैंड में सुर सजाने वाले बचे न ही धुन तैयार करने वालों में कोई बचा है।
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हादसे में मुन्ना खां, उनकी बेटी नजमा, धेवती अप्पी सहित चार लोग काल के गाल में समा गए। बेदरिया के बेटे शान मोहम्मद ने बताया कि चाचा का प्रकाश बैंड था। चचेरे भाई भोला सहित परिवार के कई लोग बैंड में काम करते थे। 16 लोगों का बैंड था। कोई तुरही बजाता तो कोई ढोल पर थाप लगाता। वह अकसर सहालग से पहले धुनें तैयार करते। उसका रियाज करने के लिए इकट्ठे होते थे।
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खंदौली के अलावा आसपास के कस्बों में भी बैंड जाया करता था। मुन्ना खां के अलावा भोला और इरशाद की मृत्यु भी हादसे में हो गई। बैंड के मास्टर ही नहीं बचे। रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यही हाल दिव्यांग चुन्नासी उर्फ चुन्ने खां के परिवार का है। बेटे-बहू सहित 6 लोग हादसे का शिकार हुए हैं। वह बिलख पड़े कि अब घर कैसे चलेगा। पूरी रात इसी चिंता में कट गई। हालात ऐसे हैं कि किसी का सहारा चाहिए। अब परिवार का सहारा कौन बनेगा।
बेदरिया के दो बेटे छोटे अली और इरशाद की मौत होने के बाद छोटा बेटा शान मोहम्मद सदमे से नहीं उबर सका है। वह कहते हैं कि क्या बताएं अम्मी पहले चली गईं। अब दो भाइयों के साथ बेटी भी चली गई।