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Hartalika Teej 2024: हरतालिका तीज आज... निर्जला उपवास रख सुहागिनें, यहां देखें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Fri, 06 Sep 2024 06:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 06 Sep 2024 06:00 AM IST
सार
Hartalika Teej 2024: हरतालिका तीज व्रत 6 सितंबर यानि आज रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए निर्जला उपवास रखती हैं।
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Hartalika Teej 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पति की लंबी आयु के लिए सुहागिन महिलाएं शुक्रवार को निर्जला हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी। कुंवारी कन्याएं मनचाहे और योग्य वर को पाने के लिए उपवास रखेंगी। आचार्य पंडित सुनील कुमार वशिष्ठ बताते हैं की हरतालिका तीज हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। महिलाएं स्नान करने के बाद 16 शृंगार कर शाम को माता पार्वती और शिव की उपासना करती हैं। इस बार उदयतिथि में तीज तिथि रहेगी। इसलिए पूजन के लिए शाम 6:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक सर्वश्रेष्ठ समय है।
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इस तरह करें पूजा
सुंदर मंडप बनाकर केले की चौकी में लाल कपड़ा रखकर माता पार्वती, गणेश और शिवजी को स्थापित करें। बेलपत्र,चंदन, पुष्प, धूप, दीप चढ़ाने के बाद कामना के लिए संकल्प करना चाहिए। पूजा में कथा सुनकर आरती करनी चाहिए। रात में जागरण करना चाहिए। ऐसा करने से माता पार्वती और शिव की कृपा प्राप्त होती है।
सुंदर मंडप बनाकर केले की चौकी में लाल कपड़ा रखकर माता पार्वती, गणेश और शिवजी को स्थापित करें। बेलपत्र,चंदन, पुष्प, धूप, दीप चढ़ाने के बाद कामना के लिए संकल्प करना चाहिए। पूजा में कथा सुनकर आरती करनी चाहिए। रात में जागरण करना चाहिए। ऐसा करने से माता पार्वती और शिव की कृपा प्राप्त होती है।
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निर्जला रखते हैं उपवास
प्रकाश नगर निवासी अनिता श्रीवास्तव ने बताया कि घर की महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद दिनभर निर्जला उपवास रखेंगी। शाम को माता पार्वती, शिव, गणेश की मिट्टी की मूर्ति बनाकर उनका पूजन करती हैं। अगले दिन पूजन के बाद ही पारण करते हैं।
प्रकाश नगर निवासी अनिता श्रीवास्तव ने बताया कि घर की महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद दिनभर निर्जला उपवास रखेंगी। शाम को माता पार्वती, शिव, गणेश की मिट्टी की मूर्ति बनाकर उनका पूजन करती हैं। अगले दिन पूजन के बाद ही पारण करते हैं।
घर पर बनते हैं पकवान
शास्त्रीपुरम निवासी चुनचुन मिश्रा ने बताया कि पूर्वांचल के लोगों के लिए यह व्रत बिल्कुल करवा चौथ की तरह रहता है। महिलाएं इसमें एक बूंद भी पानी नहीं पीतीं। हरतालिका तीज पर घर में गुझिया, खजूर, सामा के चावल की पंजीरी तैयार की जाती है।
शास्त्रीपुरम निवासी चुनचुन मिश्रा ने बताया कि पूर्वांचल के लोगों के लिए यह व्रत बिल्कुल करवा चौथ की तरह रहता है। महिलाएं इसमें एक बूंद भी पानी नहीं पीतीं। हरतालिका तीज पर घर में गुझिया, खजूर, सामा के चावल की पंजीरी तैयार की जाती है।
कई दिन पहले ही शुरू हो जाती है तैयारी
नुनिहाई निवासी मिथलेश देवी ने बताया कि हरतालिका तीज की तैयारी कई दिन पहले ही शुरू कर देते हैं। यह व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण होता है । कुंवारी कन्या भी इस व्रत को रखती हैं।
नुनिहाई निवासी मिथलेश देवी ने बताया कि हरतालिका तीज की तैयारी कई दिन पहले ही शुरू कर देते हैं। यह व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण होता है । कुंवारी कन्या भी इस व्रत को रखती हैं।