Haq Ki Baat: आगरा DM से हक के लिए मिले बुजुर्ग मां-बाप, बहू-बेटे से घर दिलवाने के तुरंत हुए आदेश
हक की बात कार्यक्रम बुजुर्ग मां-बाप ने जिलाधिकारी को अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने बताया कि खुद के घर से ही बहू-बेटे ने बाहर कर दिया है। जिसके बाद जिलाधिकारी ने एसपी से कार्रवाई के लिए कहा और आदेश दिया कि बहू-बेटे से मां-बाप को उनका घर दिलवाएं।
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आगरा में मिशन शक्ति फेज-4 के तहत आयोजित हक की बात में एक बुजुर्ग महिला ने जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह से अपने हक की बात की। कहा कि बहू-बेटे हम पति-पत्नी को घर से निकालने की धमकी देते हैं। कई बार घर से बाहर भी कर चुके हैं। इस उम्र में अब हम कहां जाएं। जिलाधिकारी ने एसपी से कार्रवाई के लिए कहा और आदेश दिया कि बहू-बेटे से मां-बाप को उनका घर दिलवाएं।
मदद के लिए पहुंचे डीएम के पास
जिलाधिकारी बृहस्पतिवार को हक की बात कार्यक्रम में महिलाओं से उनकी पीड़ा फोन पर सुन रहे थे। बुजुर्ग महिला को उन्होंने घर दिलवाने के लिए आश्वस्त किया। हालांकि रात तक न तो राजस्व कर्मी और न ही पुलिस बुजुर्ग दंपती ओमवती पत्नी शिव सिंह की मदद में पहुंच पाई थी। मामला फतेहपुर सीकरी के दुलाहरा गांव का है। इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मां-बाप को घर दिलाने का निर्देश राजस्व एवं पुलिस के अधिकारियों को दिया गया है। इस संबंध में वह शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी करेंगे।
कार्ड है नहीं मिल रहा राशन
इसी तरह बेलनगंज निवासी 82 वर्षीय विश्मेश्वरी देवी ने शिकायत किया कि कार्ड होने के बाद भी राशन नहीं मिल रहा है। जिलाधिकारी ने पूर्ति अधिकारी को तत्काल राशन दिलाने के लिए कहा। इस दौरान कुल 11 महिलाओं ने अपनी समस्याएं रखीं। सात मामले कोर्ट में विचाराधीन थे। चार मामलों का निस्तारण किया गया। सिकंदरा ककरैठा की प्रभा तिवारी, विच्चोलपुरा चौराहा ताजगंज की रीना को आर्थिक संकट की कहने पर समूह से जुड़वाने को कहा गया। रीना की बेटियों की शादी के लिए समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान वन स्टॉप सेंटर, प्रोबेशन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।