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Agra News: बारिश के साथ गिरे ओले, फसलों काे नुकसान
Sun, 03 Mar 2024 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 03 Mar 2024 11:50 PM IST
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कासगंज। जिले में शुक्रवार की रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला दूसरे दिन शनिवार को भी जारी है। अंतर यह था कि बारिश की बौछार कभी हल्की तो कभी तेज थी। जिले में रविवार को कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इस दौरान पटियाली में जमकर ओले गिरे। बारिश के साथ चली तेज हवा से मौसम में भी नमी आ गई। इसके साथ ही हवाओं से खेतों में फसलें बिछ गई है। ओला पड़ने से पटियाली क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। नुकसान देखकर कई स्थानों पर किसान फूट-फूटकर रोते दिखे।
शनिवार को दूसरे दिन भी आसमान में पूरे दिन काले घने बादल छाए रहे। जिसे देखकर किसान चिंता में थे, कि कहीं और अधिक अतिवृष्टि के साथ ओलावृष्टि न हो जाए। बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं, सरसों और तंबाकू की फसलें काफी प्रभावित हैं। वहीं आलू की खोदाई का काम ठप पड़ गया है।
मौसम विभाग ने पहले से ही जिले में बारिश का अलर्ट दिया था। इसको लेकर किसान तैयार सरसों की फसल की कटाई का कार्य शुरू भी कर दिए थे। इसबीच बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ चली तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल खेतों में बिछ गई। खेतों में गिरी फसलों के उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। औसतन 10 से 15 फीसदी तक फसलों के प्रभावित होने की आशंका है।
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हांलाकि कृषि विभाग और प्रशासन की तरफ से इस संबंध में अभी कोई अनुमान जाहिर नहीं किया है, लेकिन नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही। जिले में सर्वाधिक उत्पादन गेहूं का किया जाता है। इस समय जिले में करीब 1 लाख हेक्टेयर के आसपास गेहूं, जौ की फसल का रकबा है। इसके अलावा खेतों में इस समय आलू, सरसों, मटर, मूंगफली और सब्जियों की फसलें हैं।
खेत में बिछी फसल देख रो पड़े किसान
ओलावृष्टि के बाद अपने खेत पर गेहूं की फसल देखने पहुंचे पटियाली के नरदौली का वृद्ध किसान राम सिंह तो ईश्वर को याद करके फूट फूटकर रोने लगा। किसान के रोने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। किसान राम सिंह ने अपने 10 बीघा खेत में गेहूं की फसल की। बारिश और तेज हवाओं से फसल गिर गई और फसल पर ओले गिरे। ऐसे ही सैंकड़ों किसानों की फसलें बारिश और ओले की आपदा में बर्बाद हो गईं। नरदौली के ही दूसरे किसान निर्भय सिंह 15 बीघा गेहूं की फसल गिरी देख परेशान थे और उनकी आंखों से आंसू छलक रहे थे। नौली फतुहाबाद गांव के मुनेश कुमार सरसों की 7-8 बीघा फसल को गिरी देख परेशान थे। यही स्थिति धर्म सिंह के खेत में थी। नगला टीका के गुरुवचन सिंह, राजेंद्र सिंह, बालिस्टर भी फसलों की बर्बादी को देख परेशान रहे। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि सुबह 9 बजे के बाद हुई। पहले तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही थी और ओले की बौछार शुरू हुई। ओले भी काफी बड़े थे जो खेतों में फसली की बर्बादी का कारण रहे।
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शनिवार को दूसरे दिन भी आसमान में पूरे दिन काले घने बादल छाए रहे। जिसे देखकर किसान चिंता में थे, कि कहीं और अधिक अतिवृष्टि के साथ ओलावृष्टि न हो जाए। बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं, सरसों और तंबाकू की फसलें काफी प्रभावित हैं। वहीं आलू की खोदाई का काम ठप पड़ गया है।
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मौसम विभाग ने पहले से ही जिले में बारिश का अलर्ट दिया था। इसको लेकर किसान तैयार सरसों की फसल की कटाई का कार्य शुरू भी कर दिए थे। इसबीच बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ चली तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल खेतों में बिछ गई। खेतों में गिरी फसलों के उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। औसतन 10 से 15 फीसदी तक फसलों के प्रभावित होने की आशंका है।
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हांलाकि कृषि विभाग और प्रशासन की तरफ से इस संबंध में अभी कोई अनुमान जाहिर नहीं किया है, लेकिन नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही। जिले में सर्वाधिक उत्पादन गेहूं का किया जाता है। इस समय जिले में करीब 1 लाख हेक्टेयर के आसपास गेहूं, जौ की फसल का रकबा है। इसके अलावा खेतों में इस समय आलू, सरसों, मटर, मूंगफली और सब्जियों की फसलें हैं।
खेत में बिछी फसल देख रो पड़े किसान
ओलावृष्टि के बाद अपने खेत पर गेहूं की फसल देखने पहुंचे पटियाली के नरदौली का वृद्ध किसान राम सिंह तो ईश्वर को याद करके फूट फूटकर रोने लगा। किसान के रोने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। किसान राम सिंह ने अपने 10 बीघा खेत में गेहूं की फसल की। बारिश और तेज हवाओं से फसल गिर गई और फसल पर ओले गिरे। ऐसे ही सैंकड़ों किसानों की फसलें बारिश और ओले की आपदा में बर्बाद हो गईं। नरदौली के ही दूसरे किसान निर्भय सिंह 15 बीघा गेहूं की फसल गिरी देख परेशान थे और उनकी आंखों से आंसू छलक रहे थे। नौली फतुहाबाद गांव के मुनेश कुमार सरसों की 7-8 बीघा फसल को गिरी देख परेशान थे। यही स्थिति धर्म सिंह के खेत में थी। नगला टीका के गुरुवचन सिंह, राजेंद्र सिंह, बालिस्टर भी फसलों की बर्बादी को देख परेशान रहे। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि सुबह 9 बजे के बाद हुई। पहले तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही थी और ओले की बौछार शुरू हुई। ओले भी काफी बड़े थे जो खेतों में फसली की बर्बादी का कारण रहे।