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हरिचरन के शव को लेने पहुंच गई दो पत्नियां, पोस्टमार्टम गृह पर चला द्वंद्व
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 13 May 2017 01:08 PM IST
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सेवानिवृत्त शिक्षक के शव को लेने पहुंचीं दो पत्नियां
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
फोर्ट स्टेशन के बाहर गुरुवार को मरने वाले गुजरात के सेवानिवृत्त शिक्षक हरिचरन के शव को ले जाने को लेकर शुक्रवार को शव विच्छेदन गृह पर विवाद खड़ा हो गया। उनकी दो पत्नी पहुंच गईं। दोनों ही पति के शव को अपने-अपने घर ले जाना चाहती थी। दो घंटे तक बातचीत के बाद दूसरी पत्नी ने सहमती जता दी। इसके बाद पहली पत्नी शव लेकर चली गई।
दरअसल, अहमदाबाद के नंदबेग सोसायटी निवासी हरिचरन राठौर गुरुवार सुबह ट्रेन से आगरा आए थे। स्टेशन के बाहर उनकी तबियत खराब हो गई। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने परिवारीजनों को सूचना दी थी।
परिवारीजनों ने पुलिस को बताया कि हरिचरण मूलरूप से जाजेपुरा, रामपुरा, जालौन के रहने वाले थे। अहमदाबाद में सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। तीन साल पहले सेवानिवृत्त हो गए थे। उन्होंने अहमदाबाद में दूसरी शादी आशा मणि से की थी। उनके दो बच्चे मीतेश और मीनाक्षी हैं।
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वहीं पहली पत्नी राजाबेटी है। वह गांव में परिवार सहित रहती हैं। उससे एक बेटी सरोज है। हरिचरण के नाती रन सिंह की 13 मई को शादी है। इसमें शामिल होने वह जा रहे थे। घटना की जानकारी पर आशा मणि और राजाबेटी भी आ गईं ।
पोस्टमार्टम के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। राजाबेटी शव को गांव ले जाना चाहती थीं। मगर, आशा का कहना था कि हरिचरन का अंतिम संस्कार वह करेगी। मृतक की पूर्व पत्नी की संतान और बेटा भी आए थे। इस पर दोनोें पक्षों के लोगों ने आपस में बैठकर बातचीत की। आशा मणि ने शव को गांव लेकर जाने पर सहमति जता दी। इसके बाद पुलिस ने शव को राजाबेटी के सुपुर्द कर दिया।
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दरअसल, अहमदाबाद के नंदबेग सोसायटी निवासी हरिचरन राठौर गुरुवार सुबह ट्रेन से आगरा आए थे। स्टेशन के बाहर उनकी तबियत खराब हो गई। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने परिवारीजनों को सूचना दी थी।
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परिवारीजनों ने पुलिस को बताया कि हरिचरण मूलरूप से जाजेपुरा, रामपुरा, जालौन के रहने वाले थे। अहमदाबाद में सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। तीन साल पहले सेवानिवृत्त हो गए थे। उन्होंने अहमदाबाद में दूसरी शादी आशा मणि से की थी। उनके दो बच्चे मीतेश और मीनाक्षी हैं।
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वहीं पहली पत्नी राजाबेटी है। वह गांव में परिवार सहित रहती हैं। उससे एक बेटी सरोज है। हरिचरण के नाती रन सिंह की 13 मई को शादी है। इसमें शामिल होने वह जा रहे थे। घटना की जानकारी पर आशा मणि और राजाबेटी भी आ गईं ।
पोस्टमार्टम के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। राजाबेटी शव को गांव ले जाना चाहती थीं। मगर, आशा का कहना था कि हरिचरन का अंतिम संस्कार वह करेगी। मृतक की पूर्व पत्नी की संतान और बेटा भी आए थे। इस पर दोनोें पक्षों के लोगों ने आपस में बैठकर बातचीत की। आशा मणि ने शव को गांव लेकर जाने पर सहमति जता दी। इसके बाद पुलिस ने शव को राजाबेटी के सुपुर्द कर दिया।