फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   guides hopeful for tourism after Taj Mahal reopen

ताजनगरी के 400 गाइडों की जगी उम्मीदें...अब ताजमहल खुलने का इंतजार

Sun, 05 Jul 2020 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 05 Jul 2020 12:02 AM IST
सार

  • ताज बंद होने से 20 फीसदी लोगों को काम बदलना पड़ा
  • 100 में 75 फीसदी ट्रेवल एजेंसी भी बंद हो गई थीं

विज्ञापन
guides hopeful for tourism after Taj Mahal reopen
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छह जुलाई को ताजमहल सहित सभी स्मारक खोले जाने के आदेश से ताजनगरी के 4000 गाइडों के चेहरों पर खुशी आ गई है। उन्हें उम्मीद है कि धीरे धीरे सब पहले जैसा हो जाएगा। वे अब छह जुलाई का इंतजार कर रहे हैं। 

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि ताज बंद होने से 20 फीसदी लोगों को काम बदलना पड़ा। सिर्फ गाइड ही नहीं, ट्रेवल एजेंसियों की हालत भी खराब हो गई थी। 100 में 75 फीसदी फीसदी ट्रेवल एजेंसी बंद हो गयी।
विज्ञापन



टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने बताया कि स्मारकों के बंद होने से हर व्यवसाय प्रभावित हुआ। आगरा में कारोबार पर्यटन पर निर्भर है। इनमें टूर एंड ट्रेवल एजेंसी और गाइड सीधे जुड़े हैं। इन्हें काफी परेशानी हुई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आगरा टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष हाकिम सिंह ने बताया कि आगरा में करीब 200 बस चलती हैं। साढे़ तीन माह में सब खड़ी रही हैं। अब उम्मीद है कि धीरे धीरे हालात सामान्य होंगे। 75 फोटोग्राफर एएसआई से एप्रूव्ड हैं। इन्हें भी काम मिलेगा। ताज के अलावा सीकरी, एत्माद्दौला, सिकंदरा में भी फोटोग्राफर हैं जो सिर्फ पर्यटन पर निर्भर हैं। 

स्मारक खोला जाना शुभ

आगरा टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि स्मारक खोला जाना शुभ लक्षण है। अब ट्रेन और फ्लाइट्स नियमित चलें तो सैलानी जरूर आएंगे। उनके आने से ही टूर एंड ट्रेवल का बिजनेस चलेगा। कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे। 

लोगों की निराशा दूर होगी

गाइड वेद प्रकाश ने बताया कि कोरोना के इस माहौल में ताजमहल सहित सभी स्मारक खुलेंगे तो सैलानी भी आएंगे, क्योंकि पर्यटन से निराशा और अवसाद दूर होंगे। हम गाइडों के लिए यह संजीवनी की तरह है। 

गाइड राशिद ने कहा कि मैंने 24 वर्ष गाइड का काम किया है। यह अनूठा पेशा है, लेकिन लॉकडाउन में होम डिलीवरी शुरू करनी पड़ी। अब स्मारक खुलेंगे तो उम्मीद है कि कोई और गाइड काम नहीं बदलेगा। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed