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UP: जो मजदूरी करके कमाते हैं दो वक्त की रोटी, उनके नाम पर करोड़ों का कारोबार; पुलिस जांच में बड़ा खुलासा

Sat, 30 May 2026 07:15 AM IST
आगरा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: आगरा ब्यूरो Updated Sat, 30 May 2026 07:15 AM IST
सार

आगरा में लोहामंडी पुलिस ने फर्जी फर्मों के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक के बोगस बिल बनाकर 1.63 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी मजदूरों और कम पढ़े-लिखे लोगों के आधार-पैन का इस्तेमाल कर फर्जी फर्में बनाते थे और नकली खरीद-फरोख्त दिखाकर टैक्स चोरी करते थे।

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GST worth Rs 1.63 crore evaded by fake firms, three arrested
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के लोहामंडी पुलिस ने फर्जी फर्मों का उपयोग कर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने जांच के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बोगस फर्म बनाकर विभाग में 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी बिल लगाए थे। इससे 1.63 करोड़ रुपये की कर चोरी की गई। यह मामला साइबर अपराधियों की तरह मजदूरों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़ा करने से जुड़ा है।
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डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक स्क्रैप कारोबारी, एक एकाउंटेंट और एक व्यक्ति शामिल है जो फर्जी दस्तावेज जुटाता था। इस मामले की शुरुआत 1 दिसंबर, 2025 को हुई थी। राज्य कर अधिकारी खंड छह अमीर चंद ने थाना लोहामंडी में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एसके संस नाम की एक फर्म का पंजीकरण विभाग में कराया गया था। इसका पता जगनपुर बेला, खेलगांव, दयालबाग दर्शाया गया था। मालिक सगीर खान को बताया गया था। सगीर खान के मथुरा के छाता का निवासी होने का दावा किया गया था। फर्म स्वामी ने बैंक ऑफ वडोदरा, हीराबाग शाखा को भी पंजीकरण में दर्ज कराया था। इसके लिए किरायानामा और बिजली बिल की प्रति दी गई थी।
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फर्जीवाड़े का ऐसा था तरीका
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने काम बांट रखे थे। राम अवतार शर्मा फर्जी फर्म खोलने के लिए दस्तावेज जुटाता था। वह मजदूर और कम पढ़े-लिखे लोगों को लालच देकर उनसे आधार कार्ड और पैन कार्ड लेता था। इसके बाद उनके नाम से सिम कार्ड जारी कराता था। इन सिम कार्ड की जरूरत फर्म पंजीकरण के दौरान आने वाले ओटीपी के लिए पड़ती थी। अमन डंग, जो बीकॉम पास है, एकाउंटेंट का काम करता था। वह फर्जी बिलिंग का इंतजाम करता था। इसके बाद जीएसटी फाइल करता था। सौरभ सिंह एक स्क्रैप कारोबारी है। उसकी अपनी फर्म भी है। वह फर्जी फर्म बनाने के बाद चोरी की रकम में हिस्सा लेता था। पुलिस ने एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ जारी है।
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एसके संस फर्म की जांच
डीसीपी सिटी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विवेचक ने जांच की। कई साक्ष्य जुटाए। जीएसटी अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए गए। जिस स्थान पर फर्म होना दर्शाया गया था, वहां कोई नहीं मिला। जबकि किरायानामा और बिजली का बिल दिया गया था। मोबाइल नंबर भी गलत निकले। जिस मालिक के रूप में सगीर खान को बताया गया, वह वास्तव में मजदूरी करता था। 3 जुलाई 2024 को इस फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया था। फर्म ने बिना किसी वास्तविक आपूर्ति के फर्जी बिलों से खरीद-फरोख्त दर्शाई थी। इस मामले में कृष्णा कॉलोनी निवासी अमन डंग, प्रतीक्षा एन्क्लेव निवासी सौरभ सिंह और प्रेम विहार निवासी राम अवतार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।


300 करोड़ रुपये से अधिक का मामला
लोहामंडी पुलिस के पास बोगस फर्म बनाकर जीएसटी चोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब तक दो दर्जन से अधिक मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। पुलिस ने कुल 300 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी के मामलों में 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। कई अन्य मामलों में आरोपियों की पहचान करने का काम जारी है।
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