फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   gst is hurdle not gift : surendra mohan

कोई तोहफा नहीं है जीएसटी: सुरेंद्र मोहन

Wed, 15 Jul 2015 01:53 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा।
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा। Updated Wed, 15 Jul 2015 01:53 AM IST
विज्ञापन
gst is hurdle not gift : surendra mohan
‘हर जगह व्यापारी जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) बिल को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं। जीएसटी के रूप में व्यापारियों को कोई तोहफा नहीं मिल जा रहा है। इससे व्यापारियों की मुसीबत बढ़ जाएगी। फिर केंद्रीय मंत्री को दिल्ली में ढूंढना पड़ेगा।’ उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर सलाहकार समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र मोहन अग्रवाल ने मंगलवार को महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में व्यापारी सम्मेलन में यह बात कही।
विज्ञापन


आल इंडिया उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की जिला इकाई की ओर से आयोजित सम्मेलन में सुरेंद्र मोहन अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि 10 लाख रुपये टर्न ओवर से ऊपर के सभी व्यापारी जीएसटी में कवर हो जाएंगे। इसमें कई ऐसे प्रावधान हैं, जिसमें व्यापारियों का उत्पीड़न होगा। व्यापारी आयोग की मांग को खारिज करते हुए उन्हाेंने कहा कि आयोग केवल किसी काम को टालने के लिए बनाए जाते हैं। अधिकारियों की मनमानी पर सुरेंद्र मोहन ने कहा कि यदि अधिकारी सौ फीसदी ईमानदार नहीं हैं तो व्यापारी भी सौ फीसदी सही काम नहीं करते। कुछ भी हो व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और व्यापारी हित में सर्वाधिक काम करने वाला बताया।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश वाणिज्यकर, व्यापार कर, सलाहकार समिति के सदस्य रविप्रकाश अग्रवाल ने व्यापारियों की मांगे रखीं। विशिष्ट अतिथि में मुरारी प्रसाद अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, महेंद्र खंडेलवाल, मुरारीलाल गोयल, डॉ. संत कुमार मंगल, पवन दौनेरिया, स्वागत अध्यक्ष सुभाष गोयल आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता सुरेश चंद्र गर्ग और संचालन जिलाध्यक्ष विनय अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में संजीव अग्रवाल, रीतेश अग्रवाल, विष्णुदास बंसल, संयोजक भगवान दास बंसल आदि मौजूद रहे।  
विज्ञापन
विज्ञापन



ये प्रमुख मांगे रखी गईं
- डीम्ड असेसमेंट का लाभ वाणिज्य कर अधिकारी व्यापारी को नहीं दे रहे। नोटिस देकर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। इस संबंध में स्पष्ट गाइड लाइन जारी होनी चाहिए।
 - ई-संचरण व्यवस्था में रास्ते में ट्रक खराब होने की स्थिति में दूसरे ट्रक में माल शिफ्ट करने पर व्यापारी को फार्म-38 पर ट्रक नंबर बदलने की सुविधा होनी चाहिए।
- आगरा के वाणिज्य कर कार्यालय में सर्वर डाउन की समस्या हमेशा रहती है। व्यापारियों को आनलाइन, रसीद फार्म के संबंध में परेशान होना पड़ता है। समस्या का समाधान कराया जाए।

- वाणिज्य कर अधिकारी के स्वविवेक का आधार पारिभाषित होना चाहिए। जिससे वह व्यापारी पर मनमाने तरीके से कर निर्धारण न कर सकें।
- लेदर और 300 रुपये के जूते को छोड़कर सभी फुटवियर पर पांच फीसदी की दर से व्यापार कर निर्धारित किया जाए। पेठा को कर मुक्त कराने की मांग भी रखी गई।

90 दिन का रिकार्ड मांगा
आगरा। अधिकतर व्यापारियों ने आगरा में कानून-व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया। व्यापारियों के साथ हो रही आपराधिक घटनाओं से अवगत कराया। छत्ता के थाना इंचार्ज सुनील कुमार सिंह को हटाने की मांग की। इस पर सुरेंद्र मोहन अग्रवाल ने व्यापारियों से 90 दिन की घटनाओं का रिकार्ड मांगा। आश्वासन दिया कि वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे, जरूरत पड़ी तो आगरा से प्रतिनिधिमंडल को भी बात करने के लिए बुलाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed