{"_id":"5ecc9a4f748cf46a0809c873","slug":"grp-beat-workers-at-tundla-railway-station-who-came-bya-shramik-special-train","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी : टूंडला स्टेशन पर जीआरपी की बर्बरता, ट्रेन से उतरे प्रवासियों को लाठियों से पीटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : टूंडला स्टेशन पर जीआरपी की बर्बरता, ट्रेन से उतरे प्रवासियों को लाठियों से पीटा
Tue, 26 May 2020 09:58 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 26 May 2020 09:58 AM IST
सार
- रेलवे के मैसेज पर उतरे थे टूंडला रेलवे स्टेशन, सोमवार मध्यरात्रि की घटना
- जीआरपी ने सभी को क्वारंटीन सेंटर ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज में भर्ती कराया
विज्ञापन
क्वारंटीन सेंटर ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज में प्रवासी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली से प्रयागराज जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन से उतरे करीब 67 महिला, पुरुष व बच्चों पर टूंडला की राजकीय रेलवे पुलिस ने बर्बरता दिखाई। पुलिस ने उतरे सभी यात्रियों को जबरन ट्रेन में बैठाने का प्रयास किया। इस बीच दोनों ओर से हुई गाली-गलौज के बाद पुलिस ने लाठियां चलाईं, जिससे कुछ लोग घायल हो गये। पुलिस ने सभी को स्क्रीनिंग कराकर क्वारंटीन सेंटर भेजा।
घटना सोमवार मध्य रात्रि तकरीबन दो बजे की है। दिल्ली से प्रयागराज जा रही 4012 श्रमिक स्पेशल ट्रेन में आगरा मंडल के आगरा, मथुरा, एटा आदि के करीब 70 लोग सवार हुए थे। ट्रेन टूंडला स्टेशन पर पहुंची तो वे स्टेशन पर उतर गए।
विज्ञापन
राजधानी एक्सप्रेस से आगरा आए लाइबेरिया के दो युवक, पुलिस पूछताछ में बताई यह बात
ट्रेन से लोगों को उतरते देख जीआरपी सचेत हुई तथा उन्हें जबरन ट्रेन में बैठाने का प्रयास किया। इस बीच उतरे यात्रियों ने आगरा मंडल का होना बताया, लेकिन यहां किसी भी यात्री के उतरने की अधिकृत सूचना न मिलने पर जीआरपी व यात्रियों में बहस हो गयी।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना सोमवार मध्य रात्रि तकरीबन दो बजे की है। दिल्ली से प्रयागराज जा रही 4012 श्रमिक स्पेशल ट्रेन में आगरा मंडल के आगरा, मथुरा, एटा आदि के करीब 70 लोग सवार हुए थे। ट्रेन टूंडला स्टेशन पर पहुंची तो वे स्टेशन पर उतर गए।
विज्ञापन
राजधानी एक्सप्रेस से आगरा आए लाइबेरिया के दो युवक, पुलिस पूछताछ में बताई यह बात
ट्रेन से लोगों को उतरते देख जीआरपी सचेत हुई तथा उन्हें जबरन ट्रेन में बैठाने का प्रयास किया। इस बीच उतरे यात्रियों ने आगरा मंडल का होना बताया, लेकिन यहां किसी भी यात्री के उतरने की अधिकृत सूचना न मिलने पर जीआरपी व यात्रियों में बहस हो गयी।
युवतियों के सामने दीं गालियां
जब लोग नहीं माने तो जीआरपी ने उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए लाठियों से पीटा। प्रवासियों में एयरपोर्ट, होटलों में काम करने वाले लड़के व लड़कियां एवं दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र भी शामिल हैं।
उनके शरीर पर चोटों के निशान पुलिस की बर्बरता को बयां कर रहे थे। इन सबके बावजूद जब यात्री ट्रेन में सवार नहीं हुए। तो रात में ही जीआरपी सभी को क्वारंटीन सेंटर ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज लेकर पहुंची और उन्हें क्वारंटीन कराया।
यहां से उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उनके जिलों के लिए भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर जीआरपी के अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग दर्शन टूंडला पहुंच गये। उन्होंने घटना की जांच करते हुए प्रवासियों व पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।
उनके शरीर पर चोटों के निशान पुलिस की बर्बरता को बयां कर रहे थे। इन सबके बावजूद जब यात्री ट्रेन में सवार नहीं हुए। तो रात में ही जीआरपी सभी को क्वारंटीन सेंटर ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज लेकर पहुंची और उन्हें क्वारंटीन कराया।
यहां से उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उनके जिलों के लिए भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर जीआरपी के अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग दर्शन टूंडला पहुंच गये। उन्होंने घटना की जांच करते हुए प्रवासियों व पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।
जीआरपी थाना प्रभारी बोले- आरोप निराधार
जीआरपी थाना प्रभारी शिवकुमार पौनियां ने बताया कि प्रशासन से ट्रेन के रुकने व श्रमिकों के उतरने की कोई सूचना नहीं थी। मध्यरात्रि करीब 67 लोग ट्रेन की चेन पुलिंग कर उतर गये थे। इतने लोग उतरने पर कर्मचारियों में अफरा-तफरी जैसा माहौल हो गया था।
यहां का टिकट न होने पर उन्हें ट्रेन में बैठाने का प्रयास किया गया। उन्हें सोशल डिस्टेंस से रहने को कहा गया तो दो-तीन युवतियों ने बदतमीजी की। एक युवक से सख्ती कर प्रशासन को अवगत कराया तथा उनको थर्मल स्क्रीनिंग के बाद क्वारंटीन सेंटर भेजा है। किसी भी महिला से कोई अभद्रता नहीं की है। आरोप निराधार हैं।
यहां का टिकट न होने पर उन्हें ट्रेन में बैठाने का प्रयास किया गया। उन्हें सोशल डिस्टेंस से रहने को कहा गया तो दो-तीन युवतियों ने बदतमीजी की। एक युवक से सख्ती कर प्रशासन को अवगत कराया तथा उनको थर्मल स्क्रीनिंग के बाद क्वारंटीन सेंटर भेजा है। किसी भी महिला से कोई अभद्रता नहीं की है। आरोप निराधार हैं।