ग्रेटर आगरा: 700 करोड़ की लागत, इनर रिंग रोड के सहारे विकसित होगी टाउनशिप
कैबिनेट बैठक में मुहर लगने का इंतजार है। 700 करोड़ रुपये का दो किस्तों में एडीए को भुगतान होगा, जिससे ग्रेटर आगरा आकार लेगा।
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इनर रिंग रोड के सहारे प्रस्तावित ग्रेटर आगरा के लिए शासन से आगरा विकास प्राधिकरण को 700 करोड़ रुपये मिलेंगे। 350-350 करोड़ रुपये की दो किस्तों में दो साल में बजट मिलेगा। एडीए 612 हेक्टेयर में टाउनशिप विकसितकरेगा। पांच साल में प्रोजेक्ट को पूरा करना होगा।
आगरा विकास प्राधिकरण के पास वर्तमान में कोई नई योजना नहीं है। ऐसे में ग्रेटर आगरा विकसित किया जाएगा। इसमें मेडिसिटी भी बनेगा। अप्रैल, 2021 में एडीए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हुआ था। फिर 3 बार शासन में प्रस्तुति दी गई। दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर ने ग्रेटर आगरा का डिजाइन तैयार किया है। इसे नोएडा की तर्ज पर ही इनर रिंग रोड के सहारे एत्मादपुर मदरा से लेकर बुढ़ाना, रहनकलां और रायपुर तक विकसित करना है।
इसमें 50 वर्ग मीटर से लेकर 500 वर्ग मीटर तक रिहायशी व व्यावसायिक भूखंड होंगे। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल बनेंगे। परियोजना में निवेशकों को समय से भुगतान करने पर कुछ छूट भी मिलेगी। एडीए इसे भविष्य की परियोजना के रूप में विकसित कर रहा है।
जमीन के बदले 520 करोड़ का भुगतान
100 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड व लैंड पार्सल योजना में कुल 938 हेक्टेयर भूमि है। इसमें से 612 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण एडीए कर रहा है। इसके लिए 520 करोड़ रुपये का मुआवजा बंटना है। इसमें 300 करोड़ रुपये का ऋण बैंक ऑफ महाराष्ट्र से लिया गया है। 700 करोड़ रुपये नगर विकास विभाग से मिलेगा।
सहमति बन गई
आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने बताया कि शासन में तीन बार प्रजेंटेशन हो चुका है। सैद्धांतिक सहमति बन गई है। कैबिनेट की बैठक में भुगतान पर मुहर लगेगी। एडीए को दो किस्तों में हर साल 350-350 करोड़ रुपया मिलेगा।