हमारे प्रधान: कचौरा गांव में घर-घर पानी पहुंचाने की प्राथमिकता, गांव में ये हैं प्रमुख समस्याएं
हाईस्कूल तक शिक्षित कुमरजी से पहले उनकी मां भी एक बार प्रधान रह चुकी हैं। बताया कि गांव में पानी की सबसे ज्यादा समस्या है। इसके लिए उन्होंने बोरिंग कराकर सबमर्सिबल पंप लगा रखा है। जिससे गांववालों को पानी मुहैया कराते हैं।
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अछनेरा के ग्राम पंचायत कचौरा में इस बार 45 वर्षीय कुमरजी सिंह प्रधान बने हैं। हाईस्कूल तक शिक्षित कुमरजी से पहले उनकी मां भी एक बार प्रधान रह चुकी हैं। बताया कि गांव में पानी की सबसे ज्यादा समस्या है। इसके लिए उन्होंने बोरिंग कराकर सबमर्सिबल पंप लगा रखा है। जिससे गांववालों को पानी मुहैया कराते हैं। योजना है कि जल्द ही पाइप लाइन के माध्यम से घर-घर पानी उपलब्ध कराकर लोगों की समस्या को दूर किया जाए। टैंकर के माध्यम से भी लोगों को पानी मुहैया कराया जाता है। इसके अलावा छुट्टा जानवरों की समस्या से भी गांव के किसानों को निजात दिलाने की व्यवस्था करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
ये है गांव की प्रमुख समस्याएं
1- जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बारिश के दिनों में गांव की गलियां तलैया बन जाती हैं।
2- गांव के ज्यादातर संपर्क मार्ग और खड़ंजा क्षतिग्रस्त पड़े हैं। इससे आवागमन की परेशानी लोगों को झेलनी पड़ती है।
3- बिजली के तार जर्जर पड़े होने से आए दिन इनके टूटकर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं।
ये हैं ग्राम विकास की योजनाएं
1 - गांव में सर्व प्रथम चावण माता के मंदिर तक खड़ंजा का निर्माण कराना।
2 - किसानों की फसलों को बचाने के लिए ग्राम पंचायत में गोशाला का निर्माण कराना।
3 - जर्जर हो चुके विद्युत तारों से होने वाले हादसे रोकने के लिए लाइनों को दुरुस्त कराना और स्ट्रीट लाइट लगवाना।
एक नजर में ग्राम पंचायत
अछनेरा विकास खंड कार्यालय से तीन किलोमीटर दूरी पर ग्राम पंचायत कचौरा बसा है। गांव की कुल आबादी करीब 9000 है। एक मजरा नगला समरजीत भी शामिल है। गांव में दो प्राथमिक विद्यालय और एक जूनियर हाईस्कूल, एक पंचायत घर, दो शहीद स्थल और एक उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है।
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