{"_id":"60411f3c8ebc3e592e0e9fe1","slug":"gram-panchayat-in-mainpuri-mainpuri-news-agr483242719","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैनपुरी में स्कूलों और गांवों के पानी में फ्लोराइड की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैनपुरी में स्कूलों और गांवों के पानी में फ्लोराइड की होगी जांच
विज्ञापन
मैनपुरी। ग्रामीणों और बच्चों की सेहत को देखते हुए सीडीओ ने जल निगम को पानी में फ्लोराइड की जांच कराने के आदेश दिए हैं। जल्द ही जल निगम जांच शुरू कर देगा।
जिले की 549 ग्राम पंचायतों में संचालित लगभग दो हजार विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन एक मार्च से शुरू हो चुका है। हाल ही में इन स्कूलों में रनिंग वटर की व्यवस्था कराई गई है। ये पानी शुद्ध है या नहीं इसकी जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने जल निगम को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि जिले के पानी में फ्लोराइड की मात्रा की अधिक है।
ऐसे में स्कूलों और गांवों में इसकी जांच कराई जाए। अगर कहीं फ्लोराइड की मात्रा अधिक मिलती है तो वहां पानी का प्रयोग रोकने के साथ ही अवगत कराया जाए। पत्र मिलने के बाद जल निगम ने भी काम शुरू कर दिया है। अधिशासी अभियंता जल निगम राजकुमार शर्मा ने बताया कि पानी की जांच कराई जाएगी। अगर कहीं भी फ्लोराइड की अधिकता मिलती है तो उस पानी का प्रयोग रोका जाएगा।
विज्ञापन
पिछले साल 21 नमूने हुए थे फेल
बीते वर्ष पानी के 21 नमूने जांच में फेल हुए थे। इन सभी नमूनों में फ्लोराइड की मात्रा निर्धारित से दोगुनी पाई गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार पीने योग्य पानी में अधिकतम फ्लोराइड की मात्रा एक मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए।
फ्लोराइड की अधिकता से गिरती है प्रतिरोधक क्षमता
पानी में फ्लोराइड की अधिकता मानव शरीर को कई प्रकार से प्रभावित करती है। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. गौरव पारिक ने बताया कि पानी में फ्लोराइड की अधिकता से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। इसी कारण कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं।
वर्जन
जल निगम को स्कूलों और गांवों में पानी की जांच कर फ्लोराइड की मात्रा का पता लगाने के लिए कहा गया है। जिले के पानी में कई जगह फ्लोराइड अधिक है, इसी कारण एहतियात के तौर पर ये निर्णय लिया गया है।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।
विज्ञापन
जिले की 549 ग्राम पंचायतों में संचालित लगभग दो हजार विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन एक मार्च से शुरू हो चुका है। हाल ही में इन स्कूलों में रनिंग वटर की व्यवस्था कराई गई है। ये पानी शुद्ध है या नहीं इसकी जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने जल निगम को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि जिले के पानी में फ्लोराइड की मात्रा की अधिक है।
विज्ञापन
ऐसे में स्कूलों और गांवों में इसकी जांच कराई जाए। अगर कहीं फ्लोराइड की मात्रा अधिक मिलती है तो वहां पानी का प्रयोग रोकने के साथ ही अवगत कराया जाए। पत्र मिलने के बाद जल निगम ने भी काम शुरू कर दिया है। अधिशासी अभियंता जल निगम राजकुमार शर्मा ने बताया कि पानी की जांच कराई जाएगी। अगर कहीं भी फ्लोराइड की अधिकता मिलती है तो उस पानी का प्रयोग रोका जाएगा।
विज्ञापन
पिछले साल 21 नमूने हुए थे फेल
बीते वर्ष पानी के 21 नमूने जांच में फेल हुए थे। इन सभी नमूनों में फ्लोराइड की मात्रा निर्धारित से दोगुनी पाई गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार पीने योग्य पानी में अधिकतम फ्लोराइड की मात्रा एक मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए।
फ्लोराइड की अधिकता से गिरती है प्रतिरोधक क्षमता
पानी में फ्लोराइड की अधिकता मानव शरीर को कई प्रकार से प्रभावित करती है। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. गौरव पारिक ने बताया कि पानी में फ्लोराइड की अधिकता से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। इसी कारण कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं।
वर्जन
जल निगम को स्कूलों और गांवों में पानी की जांच कर फ्लोराइड की मात्रा का पता लगाने के लिए कहा गया है। जिले के पानी में कई जगह फ्लोराइड अधिक है, इसी कारण एहतियात के तौर पर ये निर्णय लिया गया है।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।