आगरा: जिले के सभी ग्राम पंचायत भवन होंगे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस, जल्द शुरू होगा काम
आगरा जिले के ग्रामीणों के लिए राहत की खबर है। ग्रामीणों अब अपनी समस्याओं को लेकर विकास भवन की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। ग्राम पंचायत भवनों में उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। सभी सरकारी काम भी वहीं होंगे।
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आगरा जिले के 690 ग्राम पंचायत भवनों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सीडीओ ए मणिकंदन के अनुसार शासन से मिले निर्देश के बाद अब इन पंचायत भवनों को आधुनिक बनाने की तैयारियां तेज कर दी गई है।
सीडीओ ने बताया कि अभी ग्रामीणों को अपने कामों के लिए विकास भवन आना पड़ता है। इसको देखते हुए शासन के निर्देश पर सभी ग्राम पंचायत भवनों को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसके तहत सभी पंचायत भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
ग्राम पंचायत भवन सचिवालय की तरह काम करेंगे। ऐसा होने के बाद ग्रामीणों को अपनी समस्याओं को लेकर शहर स्थित विकास भवन आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पंचायत भवनों पर ग्रामीणों की शिकायतें सुनी जाएंगी और उनका समाधान भी किया जाएगा।
सीडीओ के अनुसार जिले के सभी पंचायत भवनों में कम्प्यूटर, शौचालय, पेयजल और बिजली और इंटरनेट सहित अन्य तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। पेंशन फार्म, राहत कार्य और अन्य जरूरी काम यहीं पूरे होंगे।
1.33 लाख श्रमिकों के पंजीकरण का लक्ष्य
विकास भवन में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की बैठक में सीडीओ ए. मणिकंदन ने श्रमिकों का अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण करने पर जोर दिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ ने असंगठित क्षेत्र के 1,33,500 श्रमिकों के पंजीकरण का लक्ष्य दिया।
उन्होंने लंबित ऑनलाइन आवेदनों का एक दिन में निस्तारण करने और निर्माणाधीन आगरा मेट्रो रेल परियोजना, अटल आवासीय विद्यालय में शिविर लगाकर श्रमिकों के पंजीकरण कराने के निर्देश भी दिए। सीडीओ ने देहातों में पंजीकरण बढ़ाने के लिए सप्ताह में तीन दिन ब्लॉक में बैठने के लिए भी निर्देशित किया है। सहायक श्रम आयुक्त पल्लवी अग्रवाल ने इस वित्तीय वर्ष में सात बाल श्रमिकों को चिह्नित कर बाल श्रमिक विद्या योजना का लाभ दिलाने की जानकारी दी।
सहायक श्रम आयुक्त सर्वेश कुमारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के विशेष प्रशिक्षण केंद्रों का प्रस्ताव श्रम मंत्रालय और भारत सरकार को भेजा जा चुका है, जिससे बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। बैठक में उप श्रमायुक्त धर्मेंद्र कुमार सिंह ने विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों और पंजीकरण हो चुके श्रमिकों की जानकारी दी।