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UP: सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलती हैं जो दवाएं, कारोबारी के घर से हुईं बरामद; एफआईआर हुई दर्ज
Mon, 15 Jun 2026 10:03 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 15 Jun 2026 10:03 AM IST
सार
औषधि विभाग की टीम ने फव्वारा बाजार के एक दवा कारोबारी के घर से सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वितरित की जाने वाली दवाएं बरामद कीं। घर में दवाओं के भंडारण का लाइसेंस न मिलने पर कारोबारी के खिलाफ न्यू आगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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आगरा दवा बाजार पर छापा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के दवा कारोबारी ने अपनी पत्नी के नाम से लाइसेंस लेने के बाद सरकारी अस्पताल में सप्लाई की दवाओं का भंडारण किया था। दुकान फव्वारा में होने के बावजूद दवाओं को घर में रखे हुए थे। औषधि खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग की टीम की जांच में घर में गंभीर बुखार में दी जाने वाली दवा और मधुमेह में दिए जाने वाले इंजेक्शन बरामद हुए। टीम ने सील लगाने के बाद थाना न्यू आगरा में प्राथमिकी दर्ज कराई।
औषधि निरीक्षक फिरोजाबाद के देश बंधु विमल ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि नवाब मंजिल, फव्वारा में स्थित ब्राइट फार्मा के मालिक राहुल विहार, दयालबाग निवासी मनीष कुमार पंजवानी की दुकान है। इसका लाइसेंस उन्होंने पत्नी रितिका के नाम पर लिया हुआ है। इसमें सरकारी दवाओं के भंडारण और बिक्री की जानकारी मिली थी। इस पर टीम ने 12 जून को उनके घर में छापा मारा।
उनके मकान के बाहर वाले कमरे में पॉलिथीन में दवाएं रखी मिलीं। यह दवाएं सरकारी अस्पताल में निशुल्क दी जाती हैं। इसके लिए रेट को भी छिपाया जाता है। आरोप है कि वह मुनाफे के लिए दवाओं की बिक्री करते मिले। घर पर दवाएं रखने का कोई लाइसेंस नहीं था। इसके बिल भी नहीं थे। दो दवाओं के नमूने लिए गए। बाद में उनकी दुकान का भी निरीक्षण किया गया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि तीन प्राथमिकी दर्ज हुई हैं। साक्ष्य संकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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औषधि निरीक्षक फिरोजाबाद के देश बंधु विमल ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि नवाब मंजिल, फव्वारा में स्थित ब्राइट फार्मा के मालिक राहुल विहार, दयालबाग निवासी मनीष कुमार पंजवानी की दुकान है। इसका लाइसेंस उन्होंने पत्नी रितिका के नाम पर लिया हुआ है। इसमें सरकारी दवाओं के भंडारण और बिक्री की जानकारी मिली थी। इस पर टीम ने 12 जून को उनके घर में छापा मारा।
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उनके मकान के बाहर वाले कमरे में पॉलिथीन में दवाएं रखी मिलीं। यह दवाएं सरकारी अस्पताल में निशुल्क दी जाती हैं। इसके लिए रेट को भी छिपाया जाता है। आरोप है कि वह मुनाफे के लिए दवाओं की बिक्री करते मिले। घर पर दवाएं रखने का कोई लाइसेंस नहीं था। इसके बिल भी नहीं थे। दो दवाओं के नमूने लिए गए। बाद में उनकी दुकान का भी निरीक्षण किया गया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि तीन प्राथमिकी दर्ज हुई हैं। साक्ष्य संकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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