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एसएन मेडिकल कॉलेज हादसा: प्लास्टर गिरने से घायल हुआ मासूम, फिर हो गई मौत; शासन ने मांगी रिपोर्ट
Mon, 24 Aug 2026 05:03 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगर
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगर
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 24 Aug 2026 05:03 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्लास्टर गिरने के बाद बच्चे की मौत के मामले में शासन ने इलाज से जुड़ी रिपोर्ट तलब की है। मेडिकल कॉलेज ने चार पुराने भवनों के ऑडिट के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है, जो तीन दिन में रिपोर्ट देगी।
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एसएन मेडिकल काॅलेज में छत से गिरा प्लास्टर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्लास्टर गिरने की घटना के बाद निमोनिया पीड़ित बच्चे की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सपा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। शासन ने भी बच्चे की मौत की रिपोर्ट तलब की है। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पुराने भवनों के ऑडिट के लिए पांच सदस्यीय समिति भी गठित की है।
मूल रूप से अलीगढ़ निवासी डीवीवीएनएल में एई पद पर तैनात आमिर रिजवी खंदारी के नसीराबाद में किराए पर रहते हैं। उन्होंने अपने 10 वर्षीय बेटे उमेर को बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर 19 अगस्त को इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया था। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे छत का प्लास्टर सिर पर गिरने से बच्चे को चोट लग गई थी।
उपचार के दाैरान शनिवार सुबह करीब छह बजे उसकी माैत हो गई थी। सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता प्लास्टर गिरने को माैत का कारण बताकर प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं प्राचार्य डाॅ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि बच्चे की मौत निमोनिया व अन्य बीमारी के कारण हुई है। मामला बढ़ने पर शासन ने बच्चे के इलाज से संबंधित रिपोर्ट मांगी है।
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एसएन के मेडिसिन विभाग, नेत्र रोग विभाग, इमरजेंसी और एकेडमिक ब्लॉक के ऑडिट के लिए कमेटी भी बनाई गई है। इसमें उप प्राचार्य डॉ. टीपी सिंह, डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह, डॉ. मनीष बंसल और लोक निर्माण विभाग के दो इंजीनियर शामिल हैं। प्राचार्य ने बताया कि बच्चे के इलाज और जांच संबंधी सभी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई हैं। कमेटी तीन दिन में ऑडिट रिपोर्ट देगी। इसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
भूतल पर संचालित होगा बच्चा वार्ड
इमरजेंसी में बच्चा वार्ड को भूतल पर शिफ्ट किया जाएगा। इसमें 16 बेड की व्यवस्था की जाएगी। अभी बाल रोग विभाग में ही बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। प्राचार्य का कहना है कि इमरजेंसी की पहली मंजिल पर बने बच्चा वार्ड की मरम्मत कराई जा रही है। व्यवस्थाएं दुरुस्त होने पर इसे चिकित्सकीय उपयोग में लाया जाएगा।
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मूल रूप से अलीगढ़ निवासी डीवीवीएनएल में एई पद पर तैनात आमिर रिजवी खंदारी के नसीराबाद में किराए पर रहते हैं। उन्होंने अपने 10 वर्षीय बेटे उमेर को बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर 19 अगस्त को इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया था। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे छत का प्लास्टर सिर पर गिरने से बच्चे को चोट लग गई थी।
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उपचार के दाैरान शनिवार सुबह करीब छह बजे उसकी माैत हो गई थी। सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता प्लास्टर गिरने को माैत का कारण बताकर प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं प्राचार्य डाॅ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि बच्चे की मौत निमोनिया व अन्य बीमारी के कारण हुई है। मामला बढ़ने पर शासन ने बच्चे के इलाज से संबंधित रिपोर्ट मांगी है।
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एसएन के मेडिसिन विभाग, नेत्र रोग विभाग, इमरजेंसी और एकेडमिक ब्लॉक के ऑडिट के लिए कमेटी भी बनाई गई है। इसमें उप प्राचार्य डॉ. टीपी सिंह, डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह, डॉ. मनीष बंसल और लोक निर्माण विभाग के दो इंजीनियर शामिल हैं। प्राचार्य ने बताया कि बच्चे के इलाज और जांच संबंधी सभी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई हैं। कमेटी तीन दिन में ऑडिट रिपोर्ट देगी। इसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
भूतल पर संचालित होगा बच्चा वार्ड
इमरजेंसी में बच्चा वार्ड को भूतल पर शिफ्ट किया जाएगा। इसमें 16 बेड की व्यवस्था की जाएगी। अभी बाल रोग विभाग में ही बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। प्राचार्य का कहना है कि इमरजेंसी की पहली मंजिल पर बने बच्चा वार्ड की मरम्मत कराई जा रही है। व्यवस्थाएं दुरुस्त होने पर इसे चिकित्सकीय उपयोग में लाया जाएगा।