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मथुरा: गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव में उमड़ रहा आस्था का जनसैलाब, यह है मान्यता
Mon, 28 Oct 2019 11:17 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोवर्धन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोवर्धन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 28 Oct 2019 11:17 AM IST
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गिरिराज परिक्रमा करते विदेशी श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा के गोवर्धन की गिरिराज तलहटी में सोमवार को गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में भी परंपरागत तरीके से गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य कमाया।
देशभर से ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त अन्नकूट महोत्सव में शामिल हुए है। श्रद्धालुओं ने सोमवार को सुबह राधाकुंड में स्नान के बाद गिरिराज शिला का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद गिरिराज परिक्रमा शुरू की।
अन्नकूट महोत्सव पर प्रमुख मंदिरों में आयोजन किए गए हैं। दानघाटी मंदिर में फूल बंगला दर्शन एवं भजन संध्या होगी। जतीपुरा के मुखारविंद मंदिर, पूंछरी के लौठा पर धार्मिक आयोजन होंगे।
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दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। इसे अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। इस दिन गौ माता और गोवर्धन पर्वत की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण की लीला से जुड़ी हुई है।
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देशभर से ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त अन्नकूट महोत्सव में शामिल हुए है। श्रद्धालुओं ने सोमवार को सुबह राधाकुंड में स्नान के बाद गिरिराज शिला का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद गिरिराज परिक्रमा शुरू की।
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अन्नकूट महोत्सव पर प्रमुख मंदिरों में आयोजन किए गए हैं। दानघाटी मंदिर में फूल बंगला दर्शन एवं भजन संध्या होगी। जतीपुरा के मुखारविंद मंदिर, पूंछरी के लौठा पर धार्मिक आयोजन होंगे।
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दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। इसे अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। इस दिन गौ माता और गोवर्धन पर्वत की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण की लीला से जुड़ी हुई है।
गोवर्धन पूजा महात्म्य
द्वापर युग में इंद्र के कोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को उठाए रखा। इंद्र का अहंकार चूर हुआ। आठवें दिन भगवान कृष्ण ने कहा कि अब से हर वर्ष इसी दिन गोवर्धन पूजा कर अन्नकूट का पर्व उल्लास के साथ मनाया जाए।
इस दिन ब्रज में गोवर्धन पूजा एवं परिक्रमा का विधान है। लोग अपने गोधन की पूजा करते हैं एवं गोवंश के संवर्धन का प्रण लेते हैं। मान्यता है कि इस दिन जो भी श्रद्धापूर्वक भगवान गोवर्धन की पूजा करता है, उसे सुख समृद्धि प्राप्त होती है।
इस दिन ब्रज में गोवर्धन पूजा एवं परिक्रमा का विधान है। लोग अपने गोधन की पूजा करते हैं एवं गोवंश के संवर्धन का प्रण लेते हैं। मान्यता है कि इस दिन जो भी श्रद्धापूर्वक भगवान गोवर्धन की पूजा करता है, उसे सुख समृद्धि प्राप्त होती है।