फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Gods of mathura are richer then rich to the upswing will be shocked

धनवानों में धनवान हैं मथुरा के भगवान, नोटबंदी में बने थे बैंकों के तारनहार

Mon, 15 May 2017 05:54 PM IST
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला मथुरा
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 15 May 2017 05:54 PM IST
विज्ञापन
Gods of mathura are richer then rich to the upswing will be shocked
श्रीकृष्‍ण जन्मस्‍थान
भगवान कृष्ण के सभी प्रमुख मंदिर करोड़पति हैं। सोने और चांदी से खजाना भरा पड़ा है। साल भर में चढ़ावा ही करीब सौ करोड़ का हो जाता है। नोटबंदी के बाद जब देशभर की बैंकों में नकदी की किल्लत थी तब इन मंदिरों में आने वाले चढ़ावे ने ही बैंकों को सहारा दिया था। हर रोज गुल्लकें खुलीं और पैसा सीधे बैंकों में पहुंचा।
विज्ञापन


मथुरा को मंदिरों का शहर कहा जाता है। 500 से ज्यादा मंदिर हैं जिले में। सबसे ज्यादा मंदिर वृंदावन में हैं। यहां श्रीबांकेबिहारी मंदिर में ही साल भर में 1,26,98,000 भक्त पहुंचते हैं। यूं तो हर रोज भक्तों की भीड़ रहती है लेकिन हरियाली तीज, अक्षय तृतीय, नया साल, जन्माष्टमी, राधाष्टमी, गुरुपूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और दीपावली पर तो कतारें लगी रहती हैं। 
विज्ञापन


भगवान को चढ़ावा भी खूब चढ़ता है। बांकेबिहारी मंदिर को साल भर में करीब 15 करोड़ का दान मिल जाता है। सोने और चांदी के आभूषण भी बड़ी संख्या में भक्त भगवान को अर्पित किए जाते हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर पर भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। हर रोज मेला सा लगा रहता है। जन्मस्थान मंदिर पर साल भर में चढ़ावा 11 करोड़ के करीब बैठता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जिक्र केवल इन्हीं मंदिरों का नहीं है बल्कि सभी प्रमुख मंदिर करोड़पति हैं। अगर देश के नामचीन मंदिरों का जिक्र किया जाएगा तो दान के मामले में मथुरा के मंदिर पहली सूची में ही अपना स्थान बना लेंगे। मथुरा तीर्थस्थल बनने के बाद इन सभी मंदिरों का और विकास होगा। इन मंदिरों की राह आसान होगी। आवागमन के संसाधन बढ़ेंगे। बरसाना, नंदगांव, गोकुल, बलदेव के लिए सीधे बसों का संचालन हो सकेगा।
 

ये है मं‌दिरों के खजाने का हिसाब

Gods of mathura are richer then rich to the upswing will be shocked
बांकेबिहारी मंदिर
श्री बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन को सालाना15 करोड़ रूपये, श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा को 11 करोड़ रूपये, दानघाटी मंदिर गोवर्धन को 6 करोड़ रूपये, मानसी गंगा मुखारबिंद को 5 करोड़, जतीपुरा मुखारबिंद को 3 करोड़, श्री राधारानी मंदिर बरसाना को सालाना 4 करोड़, श्री द्वारिकाधीश मंदिर को 85 लाख रू पये, इस्कॉन मंदिर वृंदावन को 3 करोड़ सालाना चढ़ावा आता है। वहीं वृंदावन के कात्यायनी मंदिर, रंगनाथ मंदिर, राधाबल्लभ मंदिर, राधादामोदर मंदिर, पागल बाबा मंदिर, वैष्णो माता मंदिर, प्रेम मंदिर, निधि वन और सेवा कुंज मंदिर के साथ गोकुल, नंदगांव, बलदेव, कोकिलावन, राधाकुंड और महावन में भी साल भर में पांच से दस लाख का चढ़ावा आ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed