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घर में शौचालय न होने इतना बड़ा नुकसान, गंवाई बिटिया ने जान
ब्यूरो/अमर उजाला मैनपुरी
Updated Tue, 25 Jul 2017 08:18 PM IST
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मैनपुरी में थाना बरनाहल क्षेत्र के गांव नौरंगाबाद निवासी छात्रा की सांप के डंसने के बाद मौत हो गई। छात्रा मंगलवार सुबह शौच के लिए खेतों की ओर गई थी। इसी दौरान सांप ने डंस लिया। गांव के लोगों का कहना है कि अगर छात्रा के घर में शौचालय हो तो शायद बिटिया की जान नहीं जाती।
बताया गया है कि बीए फाइनल की छात्रा जयललिता (18) पुत्री देवेंद्र सिंह नत्थू सिंह डिग्री कालेज से बीए फाइनल कर रही थी। मंगलवार सुबह जब वह खेतों की ओर गई तो वापस लौटते समय रास्ते में उसे सांप ने डंस लिया। कुछ ही देर में छात्रा तड़पते हुए बेहोश हो गई। आनन-फानन में जयललिता को सैफई ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुत्री को खो देने के बाद गम में बैठे पिता का कहना था कि दो माह पूर्व शौचालय के लिए आवेदन भी किया था। मगर फिर भी कुछ नहीं हुआ। गांव में कोई शौचालय नहीं है। कुछेक लोगों ने निजी खर्च से शौचालय निर्माण करा लिया है। मगर उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
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पढ़ने लिखने में बेहद तेज और कुछ बनने का जज्बा रखने वाली जयललिता की मौत के बाद घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं जवान बेटी के गम ने पिता देवेंद्र को तोड़कर रख दिया है। उनका कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह रुपये खर्च कर शौचालय का निर्माण करा सकें। मृतका चार भाई बहनों में तीसरे नंबर की थी।
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बताया गया है कि बीए फाइनल की छात्रा जयललिता (18) पुत्री देवेंद्र सिंह नत्थू सिंह डिग्री कालेज से बीए फाइनल कर रही थी। मंगलवार सुबह जब वह खेतों की ओर गई तो वापस लौटते समय रास्ते में उसे सांप ने डंस लिया। कुछ ही देर में छात्रा तड़पते हुए बेहोश हो गई। आनन-फानन में जयललिता को सैफई ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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पुत्री को खो देने के बाद गम में बैठे पिता का कहना था कि दो माह पूर्व शौचालय के लिए आवेदन भी किया था। मगर फिर भी कुछ नहीं हुआ। गांव में कोई शौचालय नहीं है। कुछेक लोगों ने निजी खर्च से शौचालय निर्माण करा लिया है। मगर उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
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पढ़ने लिखने में बेहद तेज और कुछ बनने का जज्बा रखने वाली जयललिता की मौत के बाद घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं जवान बेटी के गम ने पिता देवेंद्र को तोड़कर रख दिया है। उनका कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह रुपये खर्च कर शौचालय का निर्माण करा सकें। मृतका चार भाई बहनों में तीसरे नंबर की थी।