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Agra Metro: आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मिट्टी की जांच, एलिवेटेड ट्रैक के लिए बन गए 50 गर्डर
Tue, 05 Nov 2024 09:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 05 Nov 2024 09:35 AM IST
सार
आगरा मेट्रो का कार्य तेजी से चल रहा है। आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मेट्रो लाइन के लिए मिट्टी की जांच शुरू हो गई है। मेट्रो ट्रेन के ट्रैक के लिए रुनकता में मिक्चर प्लांट लगा है, जहां पिलर बनने के बाद ट्रैक पर लगाए जाएंगे।
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रुनकता में मेट्रो ट्रेन के एलिवेटेड ट्रैक के लिए तैयार किए जा रहे गर्डर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा मेट्रो ट्रेन के एलिवेटेड ट्रैक के लिए गर्डर बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। रुनकता में लगे मिक्चर प्लांट में अभी तक 50 से अधिक गर्डर बन गए हैं। इनका भंडारण किया जा रहा है। ट्रैक के पिलर बनने के बाद इनको स्थापित कर दिया जाएगा।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि रुनकता में मिक्चर प्लांट लगा है। इसमें एलिवेटेड ट्रैक के लिए जरूरी यू गर्डर, कैप गर्डर बनाए जा रहे हैं। इसमें 25-28 मीटर लंबाई और 165-172 टन तक वजन है। भंडारण किया जा रहा है। इनका इस्तेमाल पहले कॉरिडोर के आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा में किया जाएगा। इसमें आईएसबीटी सर्विस रोड पर बनेगा।
यहां से ट्रैक हाईवे के मध्य में आएगा और गुरु का ताल और सिकंदरा के बीच स्टेशन बनेगा। इसके लिए हाईवे की दोनों ओर की एक-एक लेन पर बैरीकेडिंग की जाएगी। बाकी के चार लेन से वाहनों का आवागमन होगा। दूसरे कॉरिडोर के लिए 14 स्टेशनों में किया जाएगा। भंडारण करने से तेजी से कार्य हो सकेगा।
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आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मिट्टी की जांच
मेट्रो ट्रेन का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इसमें 14 स्टेशन हैं, जिसकी दूरी करीब 15 किमी है। इसके लिए आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मिट्टी की जांच की जा रही है। इसमें हर एक किमी की दूरी पर बैरीकेडिंग कर 15 मीटर गहराई तक मिट्टी का नमूना लेकर जांच कराई जाएगी। इसी के आधार पर पिलर की गहराई तय की जाएगी।
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यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि रुनकता में मिक्चर प्लांट लगा है। इसमें एलिवेटेड ट्रैक के लिए जरूरी यू गर्डर, कैप गर्डर बनाए जा रहे हैं। इसमें 25-28 मीटर लंबाई और 165-172 टन तक वजन है। भंडारण किया जा रहा है। इनका इस्तेमाल पहले कॉरिडोर के आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा में किया जाएगा। इसमें आईएसबीटी सर्विस रोड पर बनेगा।
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यहां से ट्रैक हाईवे के मध्य में आएगा और गुरु का ताल और सिकंदरा के बीच स्टेशन बनेगा। इसके लिए हाईवे की दोनों ओर की एक-एक लेन पर बैरीकेडिंग की जाएगी। बाकी के चार लेन से वाहनों का आवागमन होगा। दूसरे कॉरिडोर के लिए 14 स्टेशनों में किया जाएगा। भंडारण करने से तेजी से कार्य हो सकेगा।
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आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मिट्टी की जांच
मेट्रो ट्रेन का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इसमें 14 स्टेशन हैं, जिसकी दूरी करीब 15 किमी है। इसके लिए आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मिट्टी की जांच की जा रही है। इसमें हर एक किमी की दूरी पर बैरीकेडिंग कर 15 मीटर गहराई तक मिट्टी का नमूना लेकर जांच कराई जाएगी। इसी के आधार पर पिलर की गहराई तय की जाएगी।