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प्रदेश को आग में झोंकने की हो रही कोशिश: जयंत
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 08 Jun 2016 11:54 PM IST
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जयंत चाौध्ारी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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राष्ट्रीय लोकदल महासचिव और पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहा कि देश में आर्थिक तंगी है, शिक्षा का अभाव है, गरीब मर रहा है, परंपराएं और सामाजिक ताना-बाना टूट रहा है। ऐेसे लोग जिन्हें सलाखों के पीछे होना चाहिए वे देश में अग्रणी बने हुए हैं। जवाहर बाग मामले में मीडिया जो दिखा रहा वह सत्यता है और एक सच ये भी है, वहां तीन से चार हजार लोग जमा थे। महिलाएं थीं, बच्चे थे, परिवार थे। बाबा, संत, साध्वी ये उपाधियां क्या ऐसे ही मिल जाती हैं। कुछ लोग केवल वस्त्र पहनकर अपराध के सहारे अपने लालच के लिए जनता का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये लोग क्या देश में गृह युद्ध चाहते हैं। हल्ला मच रहा मिशन 2017, ये मिशन क्या है। इसके लिए प्रदेश को आग में झोंकने की कोशिश हो रही है।
जयंत चौधरी बुधवार को सूरसदन में आयोजित रालोद पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रालोद पर अब तक जाटों का टैग लगा था। यूपी में सभी पार्टियां पिछड़ा वर्ग की सियासत में जुटी हैं। ऐसे में राष्ट्रीय लोकदल भी पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों को साध रही है। जयंत चौधरी ने कहा कि मंडल कमीशन अब आरक्षण का परफेक्ट सिस्टम नहीं है। सरकारों को दिल बड़ाकर पीछे मुड़कर देखना होगा। पिछड़ों और अति पिछड़ों को समान धारा में लाने के लिए कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू करना होगा। आरक्षण व्यवस्था का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन जरूरी है।
रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह पर अलग-अलग पार्टियों से गठबंधन के आरोपों के जवाब में कहा कि विरोधियों के शब्दों पर ध्यान न दें। हमारी पार्टी में ऐसा नहीं होता कि मुखिया से मिलने को पांच लाख रुपये देने पड़ते हों। टिकट के लिए लाखों खर्च करने पड़ते हों। गुण-दोष देखो। कुछ नहीं दिखे तो आंख बंद कर चौधरी चरण सिंह के बारे में सोचो, रास्ता मिल जाएगा। राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने कहा कि पार्टी हर मंडल में पिछड़ वर्ग सम्मेलन का आयोजन करेगी।
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सभा को पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष मुंशी रामपाल, डा. अनिल चौधरी ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता दुर्गेश बघेल ने की। गौरी शंकर सिकरवार, कप्तान सिंह, बृजेश चाहर, गोपीचंद, चौधरी रामवीर, जयपाल खिरवार, अंगद सिंह धारिया, मालती चौधरी, सुरेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
चाहरवाटी को दिला गए बाबा की याद
जयंत चौधरी ने सम्मेलन में लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिश की। कहा कि यहां तमाम वे लोग जिन्होंने मेरे बाबा (चौधरी चरण सिंह) के साथ काम किया है। वे जानते हैं, मेरे बाबा क्या चाहते थे। वे किसानों की यूनियन नहीं किसानों की सरकार चाहते थे।
दो घंटे गुल रही बिजली
राष्ट्रीय लोकदल ने गर्मी को देखते हुए सूरसदन प्रेक्षागृह में कार्यक्रम का आयोजन किया था। ताकि एयरकंडीशन हाल में किसी को परेशानी न हो, लेकिन कार्यक्रम के बीच में बिजली गुल होने से एसी नहीं चला। जब बिजली आई तब तक भीड़ इतनी हो गई कि एसी का असर नहीं रहा।
जीपी पुष्कर की घर वापसी
कभी रालोद के कोटे से मंत्री रहे जीपी पुष्कर ने पिछड़ा सम्मेलन में घर वापसी की। इनके अलावा अकोला के ब्लाक प्रमुख ओंकार सिंह चाहर ने 70 बीडीसी के साथ रालोद की सदस्या गृहण की। पूर्व छात्र नेता नरेश इंदौलिया, राजू बघेल, महेश बघेल ने भी रालोद का दामन थामा।
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जयंत चौधरी बुधवार को सूरसदन में आयोजित रालोद पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रालोद पर अब तक जाटों का टैग लगा था। यूपी में सभी पार्टियां पिछड़ा वर्ग की सियासत में जुटी हैं। ऐसे में राष्ट्रीय लोकदल भी पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों को साध रही है। जयंत चौधरी ने कहा कि मंडल कमीशन अब आरक्षण का परफेक्ट सिस्टम नहीं है। सरकारों को दिल बड़ाकर पीछे मुड़कर देखना होगा। पिछड़ों और अति पिछड़ों को समान धारा में लाने के लिए कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू करना होगा। आरक्षण व्यवस्था का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन जरूरी है।
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रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह पर अलग-अलग पार्टियों से गठबंधन के आरोपों के जवाब में कहा कि विरोधियों के शब्दों पर ध्यान न दें। हमारी पार्टी में ऐसा नहीं होता कि मुखिया से मिलने को पांच लाख रुपये देने पड़ते हों। टिकट के लिए लाखों खर्च करने पड़ते हों। गुण-दोष देखो। कुछ नहीं दिखे तो आंख बंद कर चौधरी चरण सिंह के बारे में सोचो, रास्ता मिल जाएगा। राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने कहा कि पार्टी हर मंडल में पिछड़ वर्ग सम्मेलन का आयोजन करेगी।
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सभा को पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष मुंशी रामपाल, डा. अनिल चौधरी ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता दुर्गेश बघेल ने की। गौरी शंकर सिकरवार, कप्तान सिंह, बृजेश चाहर, गोपीचंद, चौधरी रामवीर, जयपाल खिरवार, अंगद सिंह धारिया, मालती चौधरी, सुरेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
चाहरवाटी को दिला गए बाबा की याद
जयंत चौधरी ने सम्मेलन में लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिश की। कहा कि यहां तमाम वे लोग जिन्होंने मेरे बाबा (चौधरी चरण सिंह) के साथ काम किया है। वे जानते हैं, मेरे बाबा क्या चाहते थे। वे किसानों की यूनियन नहीं किसानों की सरकार चाहते थे।
दो घंटे गुल रही बिजली
राष्ट्रीय लोकदल ने गर्मी को देखते हुए सूरसदन प्रेक्षागृह में कार्यक्रम का आयोजन किया था। ताकि एयरकंडीशन हाल में किसी को परेशानी न हो, लेकिन कार्यक्रम के बीच में बिजली गुल होने से एसी नहीं चला। जब बिजली आई तब तक भीड़ इतनी हो गई कि एसी का असर नहीं रहा।
जीपी पुष्कर की घर वापसी
कभी रालोद के कोटे से मंत्री रहे जीपी पुष्कर ने पिछड़ा सम्मेलन में घर वापसी की। इनके अलावा अकोला के ब्लाक प्रमुख ओंकार सिंह चाहर ने 70 बीडीसी के साथ रालोद की सदस्या गृहण की। पूर्व छात्र नेता नरेश इंदौलिया, राजू बघेल, महेश बघेल ने भी रालोद का दामन थामा।