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अंधेरगर्दी: जलाशय पर तीन करोड़ रुपये खर्च, फिर भी 25 हजार लोगों को नहीं मिला गंगाजल
Sun, 27 Sep 2020 10:54 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 27 Sep 2020 10:54 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में तीन करोड़ रुपये खर्च करने पर भी शमसाबाद मार्ग की इंदिरापुरम कॉलोनी के 25 हजार लोगों को गंगाजल नहीं मिल पाया। अंधेरगर्दी का आलम यह है कि जल निगम ने पांच साल पहले भूमिगत जलाशय तो बना दिया लेकिन पाइप लाइन डाली ही नहीं। अब जलाशय जर्जर हो गया है। इंदिरापुरम के लोगों का कहना है कि पानी मिलता तो काम आते, निगम ने ये तीन करोड़ रुपये बर्बाद किए हैं।
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पांच साल पहले भी इंदिरापुरम कॉलोनी का यह प्रोजेक्ट तब बना था, जब लोगों ने हंगामा-प्रदर्शन किया था। भूमिगत जलाशय के बाद यहां पाइप लाइन डाली जानी थी और फिर घर-घर कनेक्शन दिए जाने थे। जलाशय बन जाने के बाद काम आगे ही नहीं बढ़ा। पानी की जरूरत पर घर-घर सबमर्सिबल पंप लगते चले गए। मजबूरी में लोगों ने खुद ही पानी का इंतजाम किया। पीने का पानी का कैंपर खरीदते हैं और जिनके घर में सबमर्सिबल नहीं है, वे अन्य काम के लिए आसपास से पानी लाते हैं।
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जलाशय की दीवार ढहने के कगार पर
स्थानीय निवासी मीना शर्मा ने बताया कि इंदिरापुरम कॉलोनी को आगरा विकास प्राधिकरण में 30 साल पहले बसाया था लेकिन तब पानी की टंकी में ट्यूबवेल लगाकर सप्लाई दी जा रही थी। यह खारा होने के साथ-साथ इसमें फ्लोराइड की मात्रा काफी ज्यादा है। गंगाजल के लिए बनाया गया भूमिगत जलाशय 5 साल में ही जर्जर हो चुका है।
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जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई
इंदिरापुरम के शशिकांत शर्मा ने कहा कि पानी की टंकी खड़े-खड़े ही जर्जर हो गई और ढहने के कगार पर है। जो टैंक बनाया उसकी दीवार कभी भी गिर सकती है। करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन हम लोगों को पानी नहीं मिल पाया। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
'करोड़ों रुपया पानी में चला गया'
सुभाष कुलश्रेष्ठ ने कहा कि करोड़ों रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार है और 9 महीने पहले शहर को गंगाजल भी मिल गया लेकिन अधिकारियों के गैर जिम्मेदार रवैया और लापरवाही के कारण 25 हजार से ज्यादा लोगो तक गंगाजल नहीं पहुंच पा रहा है। इसका जिम्मेदार कौन है।
'लाइन डलेगी, तब मिलेगा पानी'
जलनिगम के प्रोजेक्ट मैनेजर महेश गौतम ने कहा कि इंदिरापुरम में भूमिगत जलाशय बनाया गया था लेकिन तब शहर में पानी की कमी थी। गंगाजल मिलने के बाद अब प्रयास किया जा रहा है कि इंदिरापुरम को गंगाजल की सप्लाई दी जा सके। इसके लिए फतेहाबाद रोड पर काम चल रहा है जहां से एक पाइप लाइन इंदिरापुरम के भूमिगत जलाशय के लिए डाली जाएगी। उसके बाद यहां गंगाजल मिलना शुरू हो जाएगा।
'करोड़ों रुपया पानी में चला गया'
सुभाष कुलश्रेष्ठ ने कहा कि करोड़ों रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार है और 9 महीने पहले शहर को गंगाजल भी मिल गया लेकिन अधिकारियों के गैर जिम्मेदार रवैया और लापरवाही के कारण 25 हजार से ज्यादा लोगो तक गंगाजल नहीं पहुंच पा रहा है। इसका जिम्मेदार कौन है।
'लाइन डलेगी, तब मिलेगा पानी'
जलनिगम के प्रोजेक्ट मैनेजर महेश गौतम ने कहा कि इंदिरापुरम में भूमिगत जलाशय बनाया गया था लेकिन तब शहर में पानी की कमी थी। गंगाजल मिलने के बाद अब प्रयास किया जा रहा है कि इंदिरापुरम को गंगाजल की सप्लाई दी जा सके। इसके लिए फतेहाबाद रोड पर काम चल रहा है जहां से एक पाइप लाइन इंदिरापुरम के भूमिगत जलाशय के लिए डाली जाएगी। उसके बाद यहां गंगाजल मिलना शुरू हो जाएगा।