{"_id":"613223398ebc3eb628315bdd","slug":"ganga-river-water-level-started-decreasing-monitoring-will-continue-kasganj-news-agr506138016","type":"story","status":"publish","title_hn":"घटने लगा गंगा नदी का जलस्तर, निगरानी रहेगी बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घटने लगा गंगा नदी का जलस्तर, निगरानी रहेगी बरकरार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। कछला गंगा नदी में पिछले दो दिनों से जल स्तर में गिरावट आई है। जिससे बाढ़ का खतरा टल रहा है, जबकि सीमेंट का जलस्तर दलदल के हालात बना रहा है। जिससे बीमारियों की आशंका बढ़ रही है। इधर गंगा नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर को लेकर सिंचाई विभाग के अफसरों की टीमें निगरानी में जुटी हुई हैं।
बैराजों से पानी का दबाव कम ज्यादा हो रहा है। हरिद्वार, बिजनौर और नरोरा बैराज से कछला गंगा नदी में पानी समय-समय पर छोड़ा जा रहा है। कभी कम तो कभी ज्यादा मात्रा में पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिससे गंगा नदी कभी उफान पर आ जाती है तो कभी जलस्तर कम हो जाता है, लेकिन गंगा की धार तेज रहती है। फिलहाल जलस्तर में तो गिरावट आई है जबकि पानी का प्रवाह तेज रफ्तार पर है।
2 दिनों में जलस्तर 30 सेंटीमीटर तक कम हो गया है। कछला गंगा नदी के पुल पर बुधवार को पानी का गेज 163.70 मीटर था, जबकि शुक्रवार को जल स्तर 163.40 मीटर तक पहुंच गया। इधर जलस्तर तो कम हो रहा है, लेकिन तराई क्षेत्र में दलदल की स्थिति बनी रहने के कारण मच्छर पनप रहे हैं। जो गांव की आबादी तक पहुंचकर बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं।
विज्ञापन
- गंगा नदी में बैराजों से पानी का दबाव कम हो गया है। जिससे जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। कटान की भी कहीं कोई स्थिति नहीं है। सिंचाई विभाग की टीमें निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई।
विज्ञापन
बैराजों से पानी का दबाव कम ज्यादा हो रहा है। हरिद्वार, बिजनौर और नरोरा बैराज से कछला गंगा नदी में पानी समय-समय पर छोड़ा जा रहा है। कभी कम तो कभी ज्यादा मात्रा में पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिससे गंगा नदी कभी उफान पर आ जाती है तो कभी जलस्तर कम हो जाता है, लेकिन गंगा की धार तेज रहती है। फिलहाल जलस्तर में तो गिरावट आई है जबकि पानी का प्रवाह तेज रफ्तार पर है।
विज्ञापन
2 दिनों में जलस्तर 30 सेंटीमीटर तक कम हो गया है। कछला गंगा नदी के पुल पर बुधवार को पानी का गेज 163.70 मीटर था, जबकि शुक्रवार को जल स्तर 163.40 मीटर तक पहुंच गया। इधर जलस्तर तो कम हो रहा है, लेकिन तराई क्षेत्र में दलदल की स्थिति बनी रहने के कारण मच्छर पनप रहे हैं। जो गांव की आबादी तक पहुंचकर बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं।
विज्ञापन
- गंगा नदी में बैराजों से पानी का दबाव कम हो गया है। जिससे जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। कटान की भी कहीं कोई स्थिति नहीं है। सिंचाई विभाग की टीमें निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई।