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17 से तीर्थनगरी में कांवड़ मेले का आगाज
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सोरों (कासगंज)। सोरों में कांवड़ मेले का आगाज 17 जुलाई से होगा। शिवभक्तों के स्वागत के लिए तीर्थनगरी तैयार है। दुकानदारों ने भी दुकानों की साज सज्जा शुरू कर दी है। कांवड़ सजाने के लिए तरह तरह के सामान बाजार में उपलब्ध हैं। लहरा गंगाघाट से गंगा स्नान के बाद कांवड़िये कांवड़ भरकर गंगाजल भगवान शिव की अराधना को ले जाएंगे।
श्रावण मास शुरू होने के साथ ही कांवड़ मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। तीर्थनगरी का कांवड़ मेला काफी पौराणिक है। श्रावण मास और शिवरात्रि पर्व पर यहां लाखों की संख्या में कांवड़िये कांवड़ भरकर गंतव्य की ओर ले जाते हैं। यहां आसपास के जिलों के साथ ही राजस्थान और मध्यप्रदेश के कांवड़ियों की संख्या काफी अधिक रहती है। मेले को लेकर कांवड़ बनाने वाले कारीगर भी दिनरात कांवड़ तैयार करने में जुटे हैं। वहीं गंगाजली के निर्माता कारीगर भी भट्ठियों पर कांच की गंगाजली तैयार कर रहे हैं। कांवड़ मेले से जुड़े कारोबारियों ने दिल्ली, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, जलेसर, मुरादाबाद, कोलकाता, शाहजहांपुर, बनारस, उज्जैन आदि स्थानों से कांवड़ों की साज सज्जा का सामान मंगाना शुरू कर दिया है। मेला तीर्थनगरी के लोगों के रोजगार से भी जुड़ा है। तमाम लोगों को श्रद्घालुओं के पहुंचने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप का रोजगार मिलता है।
श्रावण मास के सोमवार-
- 22 जुलाई को पहला सोमवार।
- 29 जुलाई दूसरा सोमवार।
- 5 अगस्त तीसरा सोमवार।
- 12 अगस्त अंतिम सोमवार।
प्रशासन ने की तैयारियां
कासगंज। पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैयारियों का खाका खींच लिया है। इसके लिए अलीगढ़ रेंज से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। गंगा घाट पर 24 घंटे पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की गई है। गोताखोरों की भी तैनाती होनी है। इसके साथ ही तीर्थनगरी के चौराहों के अलावा कासगंज-बरेली रोड पर सिविल पुलिस को भी तैनात किया जाएगा। कांवड़ मेले के दौरान सोमवार को रूट डायवर्जन भी किया जाएगा।
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नगरपालिका ने दुकानदारों को आवंटित किया स्थान
सोरों। नगरपालिका प्रशासन ने कांवड़ मेला के लिए सफाई प्रकाश आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की है। वहीं कांवड़ मेला में दुकान आदि लगाने के लिए दुकानदारों को जगह भी आवंटित की है। आवंटन प्रक्रिया के बाद दुकानदार अपनी दुकानें लगाने में जुटे हैं।
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श्रावण मास शुरू होने के साथ ही कांवड़ मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। तीर्थनगरी का कांवड़ मेला काफी पौराणिक है। श्रावण मास और शिवरात्रि पर्व पर यहां लाखों की संख्या में कांवड़िये कांवड़ भरकर गंतव्य की ओर ले जाते हैं। यहां आसपास के जिलों के साथ ही राजस्थान और मध्यप्रदेश के कांवड़ियों की संख्या काफी अधिक रहती है। मेले को लेकर कांवड़ बनाने वाले कारीगर भी दिनरात कांवड़ तैयार करने में जुटे हैं। वहीं गंगाजली के निर्माता कारीगर भी भट्ठियों पर कांच की गंगाजली तैयार कर रहे हैं। कांवड़ मेले से जुड़े कारोबारियों ने दिल्ली, फिरोजाबाद, बुलंदशहर, जलेसर, मुरादाबाद, कोलकाता, शाहजहांपुर, बनारस, उज्जैन आदि स्थानों से कांवड़ों की साज सज्जा का सामान मंगाना शुरू कर दिया है। मेला तीर्थनगरी के लोगों के रोजगार से भी जुड़ा है। तमाम लोगों को श्रद्घालुओं के पहुंचने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप का रोजगार मिलता है।
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श्रावण मास के सोमवार-
- 22 जुलाई को पहला सोमवार।
- 29 जुलाई दूसरा सोमवार।
- 5 अगस्त तीसरा सोमवार।
- 12 अगस्त अंतिम सोमवार।
प्रशासन ने की तैयारियां
कासगंज। पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैयारियों का खाका खींच लिया है। इसके लिए अलीगढ़ रेंज से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। गंगा घाट पर 24 घंटे पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की गई है। गोताखोरों की भी तैनाती होनी है। इसके साथ ही तीर्थनगरी के चौराहों के अलावा कासगंज-बरेली रोड पर सिविल पुलिस को भी तैनात किया जाएगा। कांवड़ मेले के दौरान सोमवार को रूट डायवर्जन भी किया जाएगा।
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नगरपालिका ने दुकानदारों को आवंटित किया स्थान
सोरों। नगरपालिका प्रशासन ने कांवड़ मेला के लिए सफाई प्रकाश आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की है। वहीं कांवड़ मेला में दुकान आदि लगाने के लिए दुकानदारों को जगह भी आवंटित की है। आवंटन प्रक्रिया के बाद दुकानदार अपनी दुकानें लगाने में जुटे हैं।