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UP: इंसानियत शर्मसार...दो घंटे जाम में फंसी रही शवयात्रा, गुहार लगाने पर भी नहीं दिया अर्थी को रास्ता
Sun, 24 Aug 2025 01:25 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 24 Aug 2025 01:25 PM IST
सार
एक ओर गाड़ियों की कतार लगी थी तो दूसरे ओर श्रद्धालुओं की भीड़। हजारों की संख्या में श्रद्धालु आराधना के लिए शनि मंदिर पहुंचे थे। मंदिर से लेकर मार्ग तक श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी लाइनें लगी थीं। ऐसे में शवयात्रा जाम में फंस गई।
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जाम में फंसी शवयात्रा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के रुनकता में आस्था और व्यवस्था के टकराव ने शनिवार को इंसानियत को शर्मसार कर दिया। रुनकता के रेणुका धाम स्थित शनिदेव मंदिर में शनि अमावस्या पर जुटी अपार भीड़ ने एक शवयात्रा की राह रोक दी। मोक्ष की डगर पर अंतिम सफर तय कर रहे पनवारी गांव के भारत सिंह (80) की अर्थी जाम में दो घंटे तक फंसी रही। परिजन भीड़ से निकलने के लिए जूझते रहे। काफी मशक्कत के बाद परिवार के दो लोगों ने अर्थी को कंधे से उठाकर सिर पर रखा और धीरे-धीरे जाम से बाहर निकले। इसके बाद बुजुर्ग का अंतिम संस्कार हो सका।
शनिवार को शनि अमावस्या थी। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शनिदेव की आराधना का विशेष फल मिलता है। लिहाजा शनि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। दोपहर करीब 12 बजे तक मंदिर मार्ग पर जाम के हालात बन गए। एक ओर गाड़ियों की कतार लगी थी तो दूसरे ओर श्रद्धालुओं की भीड़। हजारों की संख्या में श्रद्धालु आराधना के लिए पहुंचे थे। मंदिर से लेकर मार्ग तक श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी लाइनें लगी थीं।
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शनिवार को शनि अमावस्या थी। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शनिदेव की आराधना का विशेष फल मिलता है। लिहाजा शनि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। दोपहर करीब 12 बजे तक मंदिर मार्ग पर जाम के हालात बन गए। एक ओर गाड़ियों की कतार लगी थी तो दूसरे ओर श्रद्धालुओं की भीड़। हजारों की संख्या में श्रद्धालु आराधना के लिए पहुंचे थे। मंदिर से लेकर मार्ग तक श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी लाइनें लगी थीं।
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इसी बीच पनवारी गांव के भारत सिंह की अंतिम यात्रा मोक्षधाम जाने के लिए निकली। जाम के चलते यात्रा रास्ते में फंस गई। परिजन बार-बार रास्ता दिलाने की गुहार लगाते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। सब अपनी पूजा में व्यस्त रहे। इस दाैरान जब परिजन परेशान हो गए और कोई रास्ता नहीं सूझा तो उन्होंने अर्थी को कंधे से उठाकर सिर पर रखा और धीरे-धीरे भीड़ को पार किया।
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गांव के पूर्व प्रधान रणवीर सिंह ने बताया कि परिजन शव को जाम से निकालने के लिए जूझते रहे और दो घंटे बाद मोक्षधाम पहुंच पाए। मंदिर कमेटी की अध्यक्ष आशा धाकरे ने कहा कि प्रशासन को पहले ही अवगत करा दिया गया था कि शनि अमावस्या पर भारी भीड़ उमड़ेगी। इसके बावजूद पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया, जिससे जाम की स्थिति बनी और शवयात्रा जाम में फंस गई।
नहीं ली गई थी पूर्व अनुमति
शनिदेव मंदिर में आयोजन के संबंध में कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। जाम लगने की सूचना पर पुलिस लगाई गई थी। कुछ देर में यातायात सुचारु करा दिया गया था।- सोनम कुमार, डीसीपी सिटी
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नहीं ली गई थी पूर्व अनुमति
शनिदेव मंदिर में आयोजन के संबंध में कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। जाम लगने की सूचना पर पुलिस लगाई गई थी। कुछ देर में यातायात सुचारु करा दिया गया था।- सोनम कुमार, डीसीपी सिटी
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