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292 किसानों से वसूली थी 3.19 करोड़ की धनराशि
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भोगांव (मैनपुरी)। भूमि विकास बैंक की दो शाखाओं में हुए करोड़ों के घोटाले को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी की गई थी। सुनियोजित तरीके से किसानों से ऋण की धनराशि वसूल करने के बाद भी उन्हें जमा की रसीद नहीं दी गई।
भूमि विकास बैंक की भोगांव और बेवर शाखा में चार कर्मचारियों ने मिलकर 3.29 करोड़ रुपये के घोटाला किया था। ये धनराशि कुल 292 किसानों से ऋण अदायगी के नाम पर वसूली गई थी। भूमि विकास बैंक के शाखा प्रबंधक संदीप त्रिपाठी ने बताया कि इस धनराशि का कहीं भी बैंक के लेजर में जिक्र नहीं किया गया। वहीं किसानों को भी जमा रसीद नहीं दी गई। बिछवां क्षेत्र के निवासी बादशाह सिंह बताते हैं कि उन्होंने धनराशि जमा करते समय रसीद भी मांगी थी, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया जिससे जब भी घोटाला सामने आए तो किसान धनराशि जमा करने का कोई साक्ष्य प्रस्तुत न कर सकें। घोटाला खुलने के बाद किसानों की नींद उड़ी हुई है, क्यों कि वे रुपये जमा करने के बाद भी बैंक के कर्जदार बने हुए हैं।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
भूमि विकास बैंक के शाखा प्रबंधक संदीप त्रिपाठी की तहरीर पर पूर्व शाखा प्रबंधक सतेंद्र कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ घोटाले की एफआईआर पुलिस ने दर्ज की है। बुधवार को एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। आरोपी मूल रूप से कन्नौज और इटावा जिले के निवासी हैं, ऐसे में पुलिस ने संबंधित थानों से भी संपर्क किया है।
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भूमि विकास बैंक की भोगांव और बेवर शाखा में चार कर्मचारियों ने मिलकर 3.29 करोड़ रुपये के घोटाला किया था। ये धनराशि कुल 292 किसानों से ऋण अदायगी के नाम पर वसूली गई थी। भूमि विकास बैंक के शाखा प्रबंधक संदीप त्रिपाठी ने बताया कि इस धनराशि का कहीं भी बैंक के लेजर में जिक्र नहीं किया गया। वहीं किसानों को भी जमा रसीद नहीं दी गई। बिछवां क्षेत्र के निवासी बादशाह सिंह बताते हैं कि उन्होंने धनराशि जमा करते समय रसीद भी मांगी थी, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया जिससे जब भी घोटाला सामने आए तो किसान धनराशि जमा करने का कोई साक्ष्य प्रस्तुत न कर सकें। घोटाला खुलने के बाद किसानों की नींद उड़ी हुई है, क्यों कि वे रुपये जमा करने के बाद भी बैंक के कर्जदार बने हुए हैं।
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आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
भूमि विकास बैंक के शाखा प्रबंधक संदीप त्रिपाठी की तहरीर पर पूर्व शाखा प्रबंधक सतेंद्र कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ घोटाले की एफआईआर पुलिस ने दर्ज की है। बुधवार को एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। आरोपी मूल रूप से कन्नौज और इटावा जिले के निवासी हैं, ऐसे में पुलिस ने संबंधित थानों से भी संपर्क किया है।
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