{"_id":"62920b9ea8c1185db63d6e64","slug":"freedom-fighter-family-returned-honor-in-etah","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन ने वापस किए सम्मान पत्र, सामने आया चौंकाने वाला कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन ने वापस किए सम्मान पत्र, सामने आया चौंकाने वाला कारण
Sat, 28 May 2022 05:16 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 28 May 2022 05:16 PM IST
सार
जिले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन जब एसडीएम सदर के पास अपनी समस्या बताकर सम्मान पत्र लौटाने पहुंचे, तो सभी हैरान रह गए। एसडीएम ने जब सम्मान पत्र आदि लेने से इंकार किया तो स्वतंत्रता सेनानी के परिजन डीएम कार्यालय के बाहर रखी टेबल पर सभी सम्मान पत्र रखकर चले आए।
विज्ञापन
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन, साथ में किसान नेता पवन ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एटा के अवागढ़ थाना क्षेत्र के एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार सिंह के परिजनों ने शनिवार को कलक्ट्रेट आकर प्रशासन को सभी सम्मान पत्र लौटा दिए। परिजन डीएम कार्यालय के बाहर रखी टेबल पर सम्मान पत्र रखकर चले आए। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का समाधि स्थल जलेसर तहसील प्रशासन और अवागढ़ नगर पंचायत ने तुड़वा दिया है और उन्हें दी हुई जमीन पर कब्जा कर लिया है।
कलक्ट्रेट में शनिवार सुबह सुरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी रामादेवी पहुंचीं। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता स्व. सरदार सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। जिला प्रशासन ने समय समय पर उनके सम्मान में कई प्रतीक चिह्न, सम्मान पत्र और ताम्र पत्र दिए। नगला नया में प्रशासन ने उन्हें साढ़े छह बीघा जमीन का पट्टा दिया था। जहां उनके पिता का समाधि स्थल और एक कमरा था। यहां उनके पिता अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ बैठकें किया करते थे। पास में ही एक गरीब किसान इंद्रपाल सिंह के परिजन झोंपड़ी डालकर रहते थे। 27 मई को तहसील प्रशासन और नगर पंचायत ने पुलिसबल के साथ आकर समाधि स्थल और किसान की झोंपड़ी तोड़ डाली। पूरी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। इससे खिन्न होकर सभी तरह के सम्मान पत्र, ताम्र पत्र वापस करने आए हैं।
विज्ञापन
अवागढ़ के चेयरमैन महेशपाल सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की 15 बीघा में से प्रशासन ने 12 बीघा जमीन नगर पंचायत को आवंटित की थी। जिस पर कान्हा गोशाला का निर्माण को रहा है। इसमें एक हजार गोवंशों को रखने की क्षमता होगी। तीन बीघा जमीन पर ग्रामीणों के मकान बने हुए हैं।
एडीएम प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि यह जमीन गोशाला के नाम की गई थी, जिस पर अवागढ़ नगर पंचायत को निर्माण कराना है। कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था, जिन्हें हटाया गया है। किसी की कोई शिकायत है तो उसका पक्ष भी सुनकर निस्तारण किया जाएगा।
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में शनिवार सुबह सुरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी रामादेवी पहुंचीं। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता स्व. सरदार सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। जिला प्रशासन ने समय समय पर उनके सम्मान में कई प्रतीक चिह्न, सम्मान पत्र और ताम्र पत्र दिए। नगला नया में प्रशासन ने उन्हें साढ़े छह बीघा जमीन का पट्टा दिया था। जहां उनके पिता का समाधि स्थल और एक कमरा था। यहां उनके पिता अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ बैठकें किया करते थे। पास में ही एक गरीब किसान इंद्रपाल सिंह के परिजन झोंपड़ी डालकर रहते थे। 27 मई को तहसील प्रशासन और नगर पंचायत ने पुलिसबल के साथ आकर समाधि स्थल और किसान की झोंपड़ी तोड़ डाली। पूरी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। इससे खिन्न होकर सभी तरह के सम्मान पत्र, ताम्र पत्र वापस करने आए हैं।
विज्ञापन
टेबल पर सभी सम्मान पत्र रखकर वापस चले गए परिजन
इन लोगों ने डीएम कार्यालय पर एसडीएम सदर से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। एसडीएम ने जब सम्मान पत्र आदि लेने से इंकार किया तो स्वतंत्रता सेनानी के परिजन डीएम कार्यालय के बाहर रखी टेबल पर सभी सम्मान पत्र रखकर चले आए। उनके साथ में भारतीय किसान यूनियन (किसान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन ठाकुर भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और गरीबों को न्याय दिलाने के लिए संगठन संघर्ष करेगा। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता है आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव शिवप्रताप सिंह अंशू, प्रदेश प्रमुख महासचिव ऋषि यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष पिंटू यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन