{"_id":"5b70023342c7926e6a7ab1fd","slug":"freedom-fighter-chandrashekhar-azad-s-nephew-want-name-change-of-india-gate","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शहीद चंद्रशेखर आजाद के भतीजे का बयान- इंडिया गेट का नाम बदल किया जाए भारतीय द्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद चंद्रशेखर आजाद के भतीजे का बयान- इंडिया गेट का नाम बदल किया जाए भारतीय द्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Sun, 12 Aug 2018 03:17 PM IST
विज्ञापन
क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के भतीजे सुजीत आजाद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद के भतीजे सुजीत आजाद का कहना है कि इंडिया गेट का नाम बदलकर भारतीय द्वार किया जाए। मैकाले की शिक्षा पद्धति है, उसे हमारे देश से दूर किया जाए। गुरुकुल शिक्षा पद्धति को आगे बढ़ाया जाए।
शनिवार रात को सुजीत आजाद फिरोजाबाद पहुंचे। रविवार को वो यहां शहीदों के स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। इससे पहले होटल मोनार्क में सुजीत आजाद का लोगों ने स्वागत किया।
सुजीत आजाद ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि हमने तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु से वार्ता कर भारतीय रेल के इंजन पर भारतीय झंडे लगवाने की मांग की थी। जो इस सरकार ने पूरा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार रात को सुजीत आजाद फिरोजाबाद पहुंचे। रविवार को वो यहां शहीदों के स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। इससे पहले होटल मोनार्क में सुजीत आजाद का लोगों ने स्वागत किया।
विज्ञापन
सुजीत आजाद ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि हमने तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु से वार्ता कर भारतीय रेल के इंजन पर भारतीय झंडे लगवाने की मांग की थी। जो इस सरकार ने पूरा किया।
विज्ञापन
'युवाओं में हो आजाद जैसा जुनून'
उन्होंने कहा कि हमारा पूरा परिवार राजनीति से अलग है। मगर हम युवाओं में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जैसा जुनून युवाओं में जगाने के लिए कर रहे हैं। ताकि देशहित में लगातार कार्य हों।
सुजीत आजाद ने कहा कि पिछली सरकारों ने क्रांतिकारियों की उपेक्षाएं की। मगर वर्तमान सरकार क्रांतिकारियों के लिए सकारात्मक दिख रही है। उन्होंने कहा कि देश को आजादी सिर्फ चरखे से नहीं मिली। देश का ब्रिटिश सरकार से आजाद चंद्रशेखर जैसे वीरों ने कराया था।
उन्होंने कहा कि चाचा चंद्रशेखर आजाद 12 साल की उम्र में घर से निकल गए थे। उन्होंने निशानेबाजी तीरंदाजी में की थी। चंद्रशेखर आजाद के पिता पोस्टमैन एवं माली की नौकरी करते थे। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों में क्रांतिकारियों की जीवनी को शामिल किया जाए। ताकि लोग उनके बारे में जान सकें।
सुजीत आजाद ने कहा कि पिछली सरकारों ने क्रांतिकारियों की उपेक्षाएं की। मगर वर्तमान सरकार क्रांतिकारियों के लिए सकारात्मक दिख रही है। उन्होंने कहा कि देश को आजादी सिर्फ चरखे से नहीं मिली। देश का ब्रिटिश सरकार से आजाद चंद्रशेखर जैसे वीरों ने कराया था।
उन्होंने कहा कि चाचा चंद्रशेखर आजाद 12 साल की उम्र में घर से निकल गए थे। उन्होंने निशानेबाजी तीरंदाजी में की थी। चंद्रशेखर आजाद के पिता पोस्टमैन एवं माली की नौकरी करते थे। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों में क्रांतिकारियों की जीवनी को शामिल किया जाए। ताकि लोग उनके बारे में जान सकें।