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22 शिक्षक आए रडार पर : वर्ष 2004 -05 में बीएड करने वाले शिक्षकों की हो रही है जांच
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कासगंज। डॉक्टर बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री से शिक्षक बने अभ्यर्थियों की जांच का दायरा माध्यमिक विद्यालय तक पहुंच चुका है। जिले में 22 शिक्षक तैनात मिले हैं। इन सभी का डाटा तैयार करके निदेशक को भेजा गया है। ताकि सूची से इनका मिलान हो सके।
अभी तक बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में ही फर्जी शिक्षकों की जांच चल रही थी लेकिन विश्व विद्यालय से उपलब्ध कराई गई 2823 अभ्यर्थियों की सूची में से काफी कम शिक्षक बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में तैनात मिले। फर्जीवाड़े की जांच के दौरान कुछ कस्तूरबा विद्यालयों में भी वर्ष 2004-05 में बीएड करने वाले फर्जी शिक्षक सामने आए हैं। इसके बाद से माध्यमिक विद्यालयों में भी जांच शुरू की गई है।
जांच के लिए शासन से ऐसे शिक्षकों का रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश दिए गए। शासन के दिशा निर्देश पर जिले के शासकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से रिकॉर्ड मांगा गया। जिसमें 22 शिक्षक तैनात पाए गए हैं। अब इन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। ताकि यह पता चल सके कि इनमें से तो कोई शिक्षक फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी नहीं कर रहा। यदि है तो वह भी कार्रवाई के घेरे में आ जाएगा।
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अभी तक बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में ही फर्जी शिक्षकों की जांच चल रही थी लेकिन विश्व विद्यालय से उपलब्ध कराई गई 2823 अभ्यर्थियों की सूची में से काफी कम शिक्षक बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में तैनात मिले। फर्जीवाड़े की जांच के दौरान कुछ कस्तूरबा विद्यालयों में भी वर्ष 2004-05 में बीएड करने वाले फर्जी शिक्षक सामने आए हैं। इसके बाद से माध्यमिक विद्यालयों में भी जांच शुरू की गई है।
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जांच के लिए शासन से ऐसे शिक्षकों का रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश दिए गए। शासन के दिशा निर्देश पर जिले के शासकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से रिकॉर्ड मांगा गया। जिसमें 22 शिक्षक तैनात पाए गए हैं। अब इन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। ताकि यह पता चल सके कि इनमें से तो कोई शिक्षक फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी नहीं कर रहा। यदि है तो वह भी कार्रवाई के घेरे में आ जाएगा।
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