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62 लाख का फर्जीवाड़ा करने वाले प्रधानों पर मेहरबान अधिकारी
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मैनपुरी। विकास खंड बरनाहल की छह ग्राम पंचायतों में 62 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले पंचायत सचिव पर तो कार्रवाई हो गई, लेकिन प्रधानों पर पंचायत राज विभाग मेहरबान है। सचिव के वेतन से जहां घोटाले की धनराशि की रिकवरी होने लगी है, वहीं प्रधानों से रिकवरी के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
62 लाख रुपये की सरकारी धनराशि का फर्जीवाड़ा करने वाले छह प्रधानों पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर विकास खंड बरनाहल की छह ग्राम पंचायतों की तीन सदस्यीय समिति ने जांच की थी। जांच में ग्राम पंचायत कैलाशपुर, बीनेपुर, सजावारपुर, बलपुरा, हाजीपुर नेरा और कनकिपुर खिजरपुर में घोटाला सामने आया। जांच रिपोर्ट आने के बाद 62.02 लाख रुपये के घोटाले में से पंचायत सचिव (ग्राम विकास अधिकारी) राजीव राणा से जिला विकास अधिकारी प्रवीण कुमार राय ने 31.01 लाख की रिकवरी के आदेश जारी कर दिए। उसके वेतन से रिकवरी शुरू भी हो गई है।
वहीं छह प्रधानों से 31 लाख की रिकवरी के लिए पिछले माह डीपीआरओ को पत्र भेजा था। बावजूद इसके गबन करने वाले प्रधानों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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कहां कितने कार्यों में हुआ फर्जीवाड़ा
गांव का नाम प्रधान का नाम कार्यों की संख्या
कैलाशपुर शारदा देवी 10
बीनेपुर अनीता देवी 15
सजावारपुर रीना देवी 19
बलपुरा मिथिलेश देवी 12
हाजीपुर नेरा अंजू देवी 20
कनिकपुर खिजरपुर सुषमा देवी 14
डीपीआरओ स्वामीदीन से दो टूक
सवाल: बरनाहल में 62 लाख रुपये के फर्जीवाड़े में क्या कार्रवाई की गई।
जवाब: सचिव से रिकवरी शुरू हो गई है, प्रधानों पर कार्रवाई की जाएगी।
सवाल: सचिव ग्राम विकास अधिकारी है, ऐसे में ये कार्रवाई तो जिला विकास अधिकारी ने की है। आपने प्रधानों से रिकवरी क्यों नहीं की।
जवाब: प्रधानों के लिए जिला स्तरीय अधिकारी से दोबारा जांच कराई जाएगी, इसके बाद कार्रवाई होगी।
सवाल: जब एक जांच रिपोर्ट में सचिव को घोटाले का दोषी मान लिया गया तो प्रधान को दोषी क्यों नहीं माना जा रहा है।
जवाब: नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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62 लाख रुपये की सरकारी धनराशि का फर्जीवाड़ा करने वाले छह प्रधानों पर अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर विकास खंड बरनाहल की छह ग्राम पंचायतों की तीन सदस्यीय समिति ने जांच की थी। जांच में ग्राम पंचायत कैलाशपुर, बीनेपुर, सजावारपुर, बलपुरा, हाजीपुर नेरा और कनकिपुर खिजरपुर में घोटाला सामने आया। जांच रिपोर्ट आने के बाद 62.02 लाख रुपये के घोटाले में से पंचायत सचिव (ग्राम विकास अधिकारी) राजीव राणा से जिला विकास अधिकारी प्रवीण कुमार राय ने 31.01 लाख की रिकवरी के आदेश जारी कर दिए। उसके वेतन से रिकवरी शुरू भी हो गई है।
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वहीं छह प्रधानों से 31 लाख की रिकवरी के लिए पिछले माह डीपीआरओ को पत्र भेजा था। बावजूद इसके गबन करने वाले प्रधानों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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कहां कितने कार्यों में हुआ फर्जीवाड़ा
गांव का नाम प्रधान का नाम कार्यों की संख्या
कैलाशपुर शारदा देवी 10
बीनेपुर अनीता देवी 15
सजावारपुर रीना देवी 19
बलपुरा मिथिलेश देवी 12
हाजीपुर नेरा अंजू देवी 20
कनिकपुर खिजरपुर सुषमा देवी 14
डीपीआरओ स्वामीदीन से दो टूक
सवाल: बरनाहल में 62 लाख रुपये के फर्जीवाड़े में क्या कार्रवाई की गई।
जवाब: सचिव से रिकवरी शुरू हो गई है, प्रधानों पर कार्रवाई की जाएगी।
सवाल: सचिव ग्राम विकास अधिकारी है, ऐसे में ये कार्रवाई तो जिला विकास अधिकारी ने की है। आपने प्रधानों से रिकवरी क्यों नहीं की।
जवाब: प्रधानों के लिए जिला स्तरीय अधिकारी से दोबारा जांच कराई जाएगी, इसके बाद कार्रवाई होगी।
सवाल: जब एक जांच रिपोर्ट में सचिव को घोटाले का दोषी मान लिया गया तो प्रधान को दोषी क्यों नहीं माना जा रहा है।
जवाब: नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।