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UP: डीवीवीएनएल में घपला...वेतन का बकाया दिखाकर डकारे 2.17 करोड़, बाबू समेत तीन पर केस
Tue, 02 Sep 2025 12:06 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 02 Sep 2025 12:06 AM IST
सार
घपले को अंजाम देने के लिए पवन ने अफसरों की सैप आईडी का पासवर्ड हासिल किया। इसके बाद 1.18 करोड़ रुपये का भुगतान अपने बैंक खाते में करा लिया। साथ ही अन्य कर्मचारियों के खाते में भी रुपये भेजे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के आगरा जोन में तैनाती के दौरान 2.17 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोपी तीन बिजली कर्मियों के खिलाफ कमला नगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में गबन की पुष्टि के बाद एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
डीवीवीएनएल झांसी के अधिशासी अभियंता विजय प्रकाश व लेखाकार गौरव कुमार के अनुसार मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के बसौली गांव निवासी टेक्निकल ग्रेड (टीजी-2) पवन कुमार आगरा में गुरु का ताल गुरुद्वारे के पीछे स्थित ककरेठा में भाेपाल यादव के मकान में किराए पर रह रहा था। घपले के समय वह कमला नगर विद्युत परीक्षण खंड में वेतन लिपिक के तौर पर ईआरपी सिस्टम के जरिये वेतन संबंधी काम करता था।
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डीवीवीएनएल झांसी के अधिशासी अभियंता विजय प्रकाश व लेखाकार गौरव कुमार के अनुसार मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के बसौली गांव निवासी टेक्निकल ग्रेड (टीजी-2) पवन कुमार आगरा में गुरु का ताल गुरुद्वारे के पीछे स्थित ककरेठा में भाेपाल यादव के मकान में किराए पर रह रहा था। घपले के समय वह कमला नगर विद्युत परीक्षण खंड में वेतन लिपिक के तौर पर ईआरपी सिस्टम के जरिये वेतन संबंधी काम करता था।
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खंड के लेखाकार गौरव कुमार ने साल 2021-22 के वेतन के बकाये के रूप में फरवरी 2024 से मई 2025 के बीच सामान्य से ज्यादा भुगतान करने की बात उच्चाधिकारियों के सामने रखी। पता चला कि इस काम को करने के लिए पवन ने गौरव व विजय प्रकाश के अलावा उसके बाद तैनात रहे अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह की सैप आईडी का पासवर्ड हासिल कर 1.18 करोड़ रुपये का भुगतान अपने बैंक खाते में करा लिया। यही नहीं, उसने दयालबाग रोड स्थित दुर्गा नगर निवासी कार्यकारी सहायक पिंकी देवी को 64.51 लाख और रुई की मंडी निवासी सफाईकर्मी छिंगा को 34.57 लाख रुपये का भुगतान करा दिया।
दोनों ने भी विभाग को इतने बड़े भुगतान की जानकारी नहीं दी। ऐसे में तीनों की मिलीभगत की बात स्पष्ट होने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आगरा जोन के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि विभागीय स्तर पर रिकवरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। घटनाक्रम के सामने आने के बाद से वह गायब है। निलंबन का नोटिस उसके घर पर चस्पा कर मूल पते पर भी भेजा गया है।
दोनों ने भी विभाग को इतने बड़े भुगतान की जानकारी नहीं दी। ऐसे में तीनों की मिलीभगत की बात स्पष्ट होने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आगरा जोन के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि विभागीय स्तर पर रिकवरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। घटनाक्रम के सामने आने के बाद से वह गायब है। निलंबन का नोटिस उसके घर पर चस्पा कर मूल पते पर भी भेजा गया है।