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आगरा: साइबर क्राइम थाने में एक लाख से अधिक धोखाधड़ी वाले मामले ही होंगे दर्ज
Sun, 05 Apr 2020 11:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 05 Apr 2020 11:09 AM IST
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साइबर थाना
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा रेंज साइबर क्राइम थाने में एक लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामलों में ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इससे कम राशि के मामले थाने स्तर पर ही दर्ज होंगे। उनमें कार्रवाई भी थाना पुलिस को ही करनी होगी। इस संबंध में आईजी ए सतीश गणेश ने दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
पुलिस लाइन में 20 मार्च को साइबर क्राइम थाने की स्थापना की गई थी। एडीजी अजय आनंद ने उद्घाटन किया था। थाना शुरू हुआ है, तब से अन्य थानों में साइबर क्राइम से संबंधित मामलों की सुनवाई नहीं हो रही है।
सभी मामलों को साइबर क्राइम थाने में भेजा जा रहा है। इससे थाने में शिकायतों की संख्या बढ़ गई है। आगरा के अलावा मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के मामले भी पहुंच रहे हैं। इसको लेकर ही आईजी ए सतीश गणेश ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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पुलिस लाइन में 20 मार्च को साइबर क्राइम थाने की स्थापना की गई थी। एडीजी अजय आनंद ने उद्घाटन किया था। थाना शुरू हुआ है, तब से अन्य थानों में साइबर क्राइम से संबंधित मामलों की सुनवाई नहीं हो रही है।
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सभी मामलों को साइबर क्राइम थाने में भेजा जा रहा है। इससे थाने में शिकायतों की संख्या बढ़ गई है। आगरा के अलावा मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के मामले भी पहुंच रहे हैं। इसको लेकर ही आईजी ए सतीश गणेश ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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आईजी ने कहा है कि साइबर क्राइम थाने में एक लाख से अधिक की धोखाधड़ी के अलावा जटिल मामलों को भी लिया जाएगा। अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय समन्वय की आवश्यकता वाले अपराध, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, बैंकिंग क्रिप्टोकरेंसी, ऑनलाइन साइबर ट्रैफिकिंग, साइबर स्टाकिंग के अपराध, सरकारी वेबसाइट बनाकर राजस्व की क्षति पहुंचाने वाले, आंतरिक एवं जनसुरक्षा को क्षति पहुंचाने वाले अपराध में भी विवेचना की जाएगी।
डीजीपी और आईजी साइबर अपराध की ओर से स्थानांतरित किए गए मामलों की विवेचना की जाएगी। अन्य मामलों को थान पुलिस के स्तर पर ही सुना जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी और आईजी साइबर अपराध की ओर से स्थानांतरित किए गए मामलों की विवेचना की जाएगी। अन्य मामलों को थान पुलिस के स्तर पर ही सुना जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।