Mathura: लोगों को वीडियो कॉल कर बनाते थे अश्लील वीडियो, फिर चलता था ब्लैकमेलिंग का खेल, चार आरोपी गिरफ्तार
स्वॉट टीम प्रभारी अजय कौशल ने बताया कि संगठित गिरोह बनाकर ऐसे लोग आबादी से दूर सुनसान जगह में बैठकर सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाटसएप मैसेंजर पर वीडियो कॉल करके या चैट करके लोगों को निर्वस्त्र होकर बात करने के लिए उकसाते थे। फिर अश्लील वीडियो बनाकर जाल में फंसाते थे।
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मथुरा पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिसने वीडियो कॉल कर 125 लोगों को झांसे में लेकर 2.5 करोड़ रुपये वसूल लिए। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती थी। शेरगढ़ और स्वॉट टीम ने गैंग के चार शातिरों को दबोचा है। इनके पास से 41 सिम समेत अन्य कागजात बरामद हुए हैं।
ऐसे करते थे ब्लैकमेल
पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात त्रिगुण विशेन ने बताया कि शातिर व्हाट्सएप से वीडियो कॉल करते थे। कॉल करने वाली निर्वस्त्र महिला या युवती अपने जाल में लोगों को फंसाती। इसके बाद शातिर वीडियो एडिट कर सामने वाले को अपने जाल में फंसा लेते। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर फर्जी बैंक खातों, पेटीएम, फोनपे या फिर गूगल पे से रकम वसूलते। चार शातिर अब तक करीब 125 लोगों को शिकार बना चुके हैं। गैंग ने इनसे करीब ढाई करोड़ रुपये वसूले हैं।
दबोचे गए चार शातिर
एसपी देहात ने बताया कि शेरगढ़ थाना प्रभारी सोनू कुमार, स्वॉट टीम प्रभारी अजय कौशल और सर्विलांस प्रभारी विकास शर्मा ने इस गैंग का खुलासा करते हुए चार शातिरों को दबोचा है। पकड़े गए अल्ताफ निवासी ग्राम औमरी पिनहुआ नूंह( हरियाणा), असफाक उर्फ अज्जी गांव पचलेंडी सिकरी भरतपुर (राजस्थान), अजरू निवासी गांव मामली पिनहुआ नूंह (हरियाणा) और सद्दाम निवासी गांव बेगपहाड़ी कैंथवाड़ा भरतपुर (राजस्थान) हैं। इनके कब्जे से 5 मोबाइल, 41 सिम कार्ड, 5 पैनकार्ड, 9 आधार कार्ड, एक कार के अलावा वीडियो, ऑडियो चैट आदि का डाटा मिला है।
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सात राज्यों में फैला है इन शातिरों का नेटवर्क
सीओ गौरव त्रिपाठी ने बताया कि इस गैंग ने उड़ीसा, हरियाणा, पूर्वी उत्तर-प्रदेश, राजस्थान, मध्य-प्रदेश और अन्य प्रांतों के लोगों को अश्लील वीडियो बनाकर अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये वसूले हैं। हालांकि पूछताछ में अभी तक गैंग के चार सदस्यों ने करीब ढाई करोड़ रुपये वसूलना स्वीकार किया है। इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। इनके पकड़े जाने पर ही वसूली गई रकम की हकीकत सामने आ सकेगी।
सुनसान जगह बैठकर बनाते थे शिकार
स्वॉट टीम प्रभारी अजय कौशल ने बताया कि संगठित गिरोह बनाकर ऐसे लोग आबादी से दूर सुनसान जगह में बैठकर सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाटसएप मैसेंजर पर वीडियो कॉल करके या चैट करके लोगों को निर्वस्त्र होकर बात करने के लिए उकसाते थे। फिर अश्लील वीडियो बनाकर जाल में फंसाते थे। यही नहीं फेसबुक आईडी और व्हाटसएप मैसेंजर पर आमंत्रण भेजकर अश्लील चैट के माध्यम से लोगों को निर्वस्त्र होकर बात करने के लिए भी उकसाते थे। ऐसा न होने पर अश्लील वीडियो चलाकर स्क्रीन रिकार्ड करके वीडियो बना लेते थे। यदि कोई व्यक्ति निर्वस्त्र नहीं होता है तो उस व्यक्ति का चेहरा नग्न वीडियो में एडिट करके वीडियो बना लेते थे। उस व्यक्ति को वीडियो भेजकर सोशल मीडिया पर वायरल करके बदनाम करने का डर दिखाकर उससे पेटीएम, फोन-पे, गूगल-पे और फर्जी एकाउंट में पैसे डलवाते थे।
गैंग युवाओं को देता है ट्रेनिंग
शेरगढ़ थाना प्रभारी सोनू कुमार ने बताया कि साइबर फ्रॉड करने की ट्रेनिंग देने का भी कार्य यह गैंग करता है। इसमें हरियाणा, राजस्थान के अलावा मथुरा के ग्राम हाथिया, दौसेरस, विशंभरा, बाबूगढ़ जैसे गांवों के नवयुवकों को साइबर अपराध करके अवैध तरीके से धन अर्जित करने के लिए उकसाया जाता है।