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फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी करने वालों पर गिरी गाज, वार्डन और चार शिक्षिकाओं की सेवाएं समाप्त
Tue, 21 Jul 2020 04:39 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 21 Jul 2020 04:39 PM IST
सार
- बीएसए ने कराई रिपोर्ट दर्ज
- शीघ्र ही जारी होगा रिकवरी का आदेश
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फर्जी शिक्षिका प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएसए ने मंगलवार को कस्तूरबा स्कूलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाली वार्डन और चार शिक्षिकाओं की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। साथ ही उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, उन्होंने लेखा विभाग को इनके द्वारा अर्जित वेतन की रिकवरी करने के भी निर्देश दिए हैं।
शासन की सख्ती के बाद जनपद में टीईटी एवं अन्य फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वालों की पोल खुलने लगी है। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में ऐसे ही पांच मामले सामने आए हैं। विभाग द्वारा कराई गई जांच में दो शिक्षिकाओं के टीईटी प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं।
ये भी पढ़ें- आगरा में शिक्षा विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, 24 फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा, पूरी सूची यहां देखें
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वहीं वार्डन और दो अन्य शिक्षिकाओं के हाईस्कूल, इंटर और स्नातक प्रमाणपत्रों में हेराफेरी की पुष्टि हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने पांचों का मानदेय रोकते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। संतोषजनक जवाब न मिलने और विभागीय जांच में हुई पुष्टि के बाद तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त करते हुए इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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शासन की सख्ती के बाद जनपद में टीईटी एवं अन्य फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वालों की पोल खुलने लगी है। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में ऐसे ही पांच मामले सामने आए हैं। विभाग द्वारा कराई गई जांच में दो शिक्षिकाओं के टीईटी प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं।
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वहीं वार्डन और दो अन्य शिक्षिकाओं के हाईस्कूल, इंटर और स्नातक प्रमाणपत्रों में हेराफेरी की पुष्टि हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने पांचों का मानदेय रोकते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। संतोषजनक जवाब न मिलने और विभागीय जांच में हुई पुष्टि के बाद तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त करते हुए इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इन पर हुई कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में संदिग्ध प्रमाणपत्रों के आधार पर वार्डन और चार शिक्षिकाओं के मानदेय रोककर नोटिस जारी किए गए थे। विभागीय जांच में फर्जी प्रमाणपत्रों की पुष्टि होने के बाद इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही रिकवरी आदेश जारी किया जाएगा। -संजय सिंह, बीएसए
| नाम | विद्यालय का नाम | नौकरी शुरू करने की तिथि |
| पूजा पुत्री श्री प्रेम सिंह | केजीबीवी जलेसर | 22.6.2016 |
| निशा वर्मा पुत्री श्री चोखेलाल | केजीबीवी मारहरा | 12.8.2015 |
| वीना पुत्री श्री बलवीर सिंह | केजीबीवी अलीगंज | 12.8.2015 |
| कुमारी पिंकी पुत्री श्री दीवान सिंह | केजीबीवी शीतलपुर | 21.6.2016 |
| तारा देवी पुत्री श्री राम अजोर (वार्डन) | केजीबीवी जलेसर | 21.11.2013 |
प्रारंभिक जांच में संदिग्ध प्रमाणपत्रों के आधार पर वार्डन और चार शिक्षिकाओं के मानदेय रोककर नोटिस जारी किए गए थे। विभागीय जांच में फर्जी प्रमाणपत्रों की पुष्टि होने के बाद इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही रिकवरी आदेश जारी किया जाएगा। -संजय सिंह, बीएसए