कासगंज: डेंगू-बुखार से ग्राम प्रधान सहित चार की मौत, अब तक 94 लोगों की गई जान
कासगंज में डेंगू और बुखार का कहर बरप रहा है। रोज दिन मौतें हो रही हैं, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि बीमारियों से लड़ने के लिए साफ-सफाई और दवा छिड़काव अभियान लगातार चल रहा है।
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कासगंज जिले में बुखार और डेंगू से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। शनिवार को बुखार से ग्राम प्रधान सहित चार मरीजों की मौत हो गई। इनमें तीनों मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि प्रशासन के आंकड़े में डेंगू से अब तक कोई मौत नहीं हुई है।
शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी बसंत गुप्ता कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। उनका इलाज अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उनमें डेंगू की पुष्टि हुई। उनकी हालत बिगड़ती ही गई। उपचार के दौरान उन्होंने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया।
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सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी 25 वर्षीय शालू बुखार से पीड़ित थी। उसका इलाज आगरा में चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। शालू में डेंगू की पुष्टि हुई है। सहावर क्षेत्र के गांव मोहनपुरा निवासी मुनेंद्र सिंह डेंगू से पीड़ित थे। उनका इलाज निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। उन्होंने शनिवार दोपहर को दम तोड़ दिया।
कासगंज क्षेत्र के गांव मनौटा निवासी ग्राम प्रधान प्रेम सिंह शाक्य कई दिनों से बीमार थे। उनका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा था। उन्हें किडनी की भी समस्या थी। उपचार के दौरान आगरा में अस्पताल में ही उन्हें बुखार आया। जहां उन्होंने शनिवार को दम तोड़ दिया।
डेंगू से कोई मौत नहीं- सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिले में करीब 155 डेंगू पीड़ित मरीज हैं। इन सभी का इलाज चल रहा है। जिले में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है।
जहां एक ओर डेंगू का डंक कहर मचाए हुए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग जिले के लोगों की सेहत को बेहतर बता रहा है। भले ही डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या 155 बताई जा रही है, लेकिन डेंगू से मौतों का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में शून्य है। जबकि अब तक जिले में 94 जानें जा चुकी हैं।