फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Former UP IMA president illegal hospital sealed in Agra

यूपी आईएमए के पूर्व अध्यक्ष चला रहे थे अवैध हॉस्पिटल, स्वास्थ्य विभाग ने किया सील

Sun, 19 Aug 2018 01:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Sun, 19 Aug 2018 01:11 PM IST
विज्ञापन
Former UP IMA president illegal hospital sealed in Agra
माहेश्वर हॉस्पिटल किया गया सील - फोटो : अमर उजाला
आगरा में आईएमए यूपी अध्यक्ष रहे डॉ. हरेंद्र गुप्ता अवैध हॉस्पिटल चला रहे थे। टेढ़ी बगिया के नाऊ की सराय उनके अवैध माहेश्वरी हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। विभाग ने इसके साथ ही कुबेरपुर स्थित जनसेवा चिकित्सालय और टेढ़ी बगिया नाऊ की सराय लक्ष्मी हेल्थ केयर क्लीनिक को भी सील किया है। यहां झोलाछाप इलाज करते मिले। 
विज्ञापन

 
माहेश्वरी हॉस्पिटल चार मंजिला इमारत में संचालित मिला। टीम की पूछताछ में यहां के स्टाफ ने बताया कि ये इमारत दिनेश गुप्ता की है और हॉस्पिटल का संचालन डॉ. हरेंद्र गुप्ता करते है। यहां चार मरीज भर्ती थे। इनके बोर्ड और पर्चे पर पांच डाक्टरों के नाम लिखे हुए थे। 
विज्ञापन


टीम के कहने पर स्टाफ ने डॉ. गुप्ता को बुलाया। टीम ने उनसे पंजीकरण, क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड, नगर निगम, अग्निशमन समेत अन्य विभागों की एनओसी मांगी, तो वो दिखा नहीं पाए। उन्होंने टीम पर दबाव बनाने के लिए खुद के आईएमए यूपी का अध्यक्ष रहने की बात कही। 
विज्ञापन
विज्ञापन

टीम ने कहा कि आप विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और आईएमए के यूपी अध्यक्ष रह चुके हैं। इस पर आपकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इसके बाद हॉस्पिटल में सील लगाते हुए मरीजों को शिफ्ट करा दिया गया। इधर, डॉ. हरेंद्र गुप्ता का कहना है कि जनहित में मरीजों के लिए अस्पताल चलाया जा रहा था। पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। 

झोलाछाप कर रहा था इलाज

कुबेरपुर स्थित जनसेवा चिकित्सालय में ग्राउंड फ्लोर पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के क्लीनिक में झोलाछाप मरीज को ड्रिप चढ़ा रहा था। यह क्लीनिक एटा के डॉ. अनिल कुलश्रेष्ठ के नाम से आयुर्वेद विभाग में पंजीकृत है। इसके बेसमेंट में 14 बेड का हॉस्पिटल बनाया हुआ है। 

मौके पर अनिल कुमार कुलश्रेष्ठ नहीं मिले। यहां डीपी यादव नामक युवक था, जो टीम को देखकर भाग गया। अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के यहां रजिस्टर्ड नहीं था। यहां पांच मरीज भर्ती मिले, इसमें एक की हालत गंभीर होने पर उसे एसएन मेडिकल कालेज रेफर किया। मरीजों से पूछताछ में पता चला कि भाग जाने वाला डीपी यादव ही चिकित्सकीय कार्य कर रहा था। 

यहां से भारी मात्रा में दवाएं और ड्रिप मिली। गैलरी और पास के ही खेत में बायोमेडिकल वेस्ट का ढेर लगा हुआ था। इनका निस्तारण नहीं किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्पिटल को सील कर नोटिस दिया है। 
 

यहां भी की गई कार्रवाई

नाऊ की सराय में लक्ष्मी हेल्थ केयर क्लीनिक पर लक्ष्मी नारायण सिकरवार नामक व्यक्ति मरीजों का इलाज करते हुए पाया गया। वो खुद को होम्योपैथिक चिकित्सक बता रहा था। टीम ने जब क्लीनिक का पंजीकरण और चिकित्सकीय डिग्री मांगी, तो वो सकपका गया। बोला कि उसने ग्वालियर से डिग्री प्राप्त की है और घर पर रखी है। 

स्वास्थ्य विभाग की टीम को यहां सर्जिकल आइटम, इंजेक्शन, दवाएं मिली। एक उपकरण भी मिला, जो सफाई करने के साथ अन्य कार्य में भी उपयोग किया जाता है। टीम ने उपकरण समेत दुकान को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग को यहां गर्भपात कराने की भी आशंका है।

सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि दो हॉस्पिटल और एक क्लीनिक बिना पंजीकरण के चलते मिले। इनको सील कर दिया है। संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। डीएम को भी रिपोर्ट दी जाएगी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed