UP: पूर्व सपा नेता को कोर्ट से मिली राहत, बरी करने के आदेश; पार्टी से निष्कासित होने के बाद कर बैठे थे ये गलती
पूर्व सपा नेता पर पार्टी से निष्कासित होने के बाद भी पार्टी के लेटर पैड के प्रयोग करने का आरोप था। एसीजेएम-2 ने पूर्व सपा नेता को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश किया है।
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समाजवादी पार्टी से निष्कासित होने के बाद भी पार्टी के लेटर पैड का प्रयोग करने के मामले में आरोपी पूर्व सपा नेता मनोज अग्रवाल को एसीजेएम-2 ने साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश किया है। मनोज, कमला नगर मीनाक्षीपुरम निवासी हैं।
2015 का है मामला
2015 में वादी ऊदल सिंह कुशवाह ने न्यू आगरा थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि मनोज अग्रवाल पूर्व में सपा पार्टी का पदाधिकारी था। उसके भू माफिया सहित तमाम अनैतिक कार्यों में संलिप्त होने की वजह से पार्टी से निष्कासित किया गया। इसके बावजूद वह अधिकारियों, मीडिया आदि के पास पार्टी के लेटर पैड का उपयोग करता रहा।
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वादी ने बचाव में ये कहा
अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी ऊदल सिंह कुशवाह को गवाही के लिए अदालत में पेश किया गया। आरोपी के अधिवक्ता विनोद कुमार राजपूत ने जिरह की। इस दौरान वादी ने कहा कि आरोपी को पार्टी पदाधिकारी पद से निष्कासित किया गया था। पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित नहीं किया गया था। आरोपी ने उसके साथ कोई छल-कपट नहीं किया। उसने पार्टी के निर्देश पर आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालत ने मुकदमे के विचारण के बाद साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश किया।
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