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हत्या से चार दिन पहले यहां की थी राजीव गांधी ने चुनावी रैली, लोगों के जहन में आज भी हैं उनकी यादें
Sun, 17 Mar 2019 01:49 PM IST
मुकेश कुमार
अजय झंवर, अमर उजाला, एटा/कासगंज
अजय झंवर, अमर उजाला, एटा/कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 17 Mar 2019 01:49 PM IST
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17 मई 1991 को एटा में हुई जनसभा संबोधित करते पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (फाइल)
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एटा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस का गहरा नाता रहा है। पांच बार कांग्रेसी सांसद यहां चुने जा चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एटा लोकसभा सीट के प्रत्याशी रहे कैलाश यादव के समर्थन में चुनाव जनसभा को संबोधित किया था।
कांग्रेस समर्थकों से खचाखच भरे मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने एवं इंदिरा के सपनों को साकार करने की बात रखी। उन्होंने आधुनिक भारत की तस्वीर सामने रखकर मतदाताओं का आकर्षित किया।
यह जनसभा 17 मई 1991 को एटा में हुई। जनसभा के ठीक चौथे दिन 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्री पेरूंबदूर में एक आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई। यह सूचना जैसे ही लोगों को मिली तो तमाम लोग उन्हें याद कर फफक पड़े। संसदीय क्षेत्र के लोगों के जहन में चार दिन पहले की राजीव गांधी की खुशनुमा तस्वीरें उनकी आंखों में तैर रहीं थीं।
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कांग्रेस समर्थकों से खचाखच भरे मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने एवं इंदिरा के सपनों को साकार करने की बात रखी। उन्होंने आधुनिक भारत की तस्वीर सामने रखकर मतदाताओं का आकर्षित किया।
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यह जनसभा 17 मई 1991 को एटा में हुई। जनसभा के ठीक चौथे दिन 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्री पेरूंबदूर में एक आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई। यह सूचना जैसे ही लोगों को मिली तो तमाम लोग उन्हें याद कर फफक पड़े। संसदीय क्षेत्र के लोगों के जहन में चार दिन पहले की राजीव गांधी की खुशनुमा तस्वीरें उनकी आंखों में तैर रहीं थीं।
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'मेरी ओर उछाल दी थी गुलाब की माला'
पूर्व सांसद कैलाश यादव का कहना है कि जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी यहां आए थे तो 50 हजार लोगों की भीड़ थी। 1991 में एटा की चुनावी जनसभा का स्मरण करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन डॉ. शशिलता चौहान ने बताया कि जनसभा के दौरान वह भी मंच पर थीं तो पूर्व प्रधानमंत्री ने उन्हें एक गुलाब की माला उछालकर दी।
उन्होंने बताया कि वह जनसभा से काफी खुश थे, लेकिन उनकी हत्या की खबर ने हर किसी को रुला दिया। सोरों के कांग्रेसी नेता सुरेश पटियात का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की यादें आज भी उनके जहन में हैं। वे अच्छे राजनेता थे।
पूर्व कांग्रेसी नेता प्रमोद गुप्ता का कहना है कि एटा की जनसभा में राजीव गांधी से मिलने के लिए कार्यकर्ताओं में होड़ थी, लेकिन उस समय तैनात एसडीएम ने कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक रोकने की कोशिश की। इस पर उन्होंने तुरंत ही एसडीएम को टोका फिर कार्यकर्ताओं से वे मिले।
उन्होंने बताया कि वह जनसभा से काफी खुश थे, लेकिन उनकी हत्या की खबर ने हर किसी को रुला दिया। सोरों के कांग्रेसी नेता सुरेश पटियात का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की यादें आज भी उनके जहन में हैं। वे अच्छे राजनेता थे।
पूर्व कांग्रेसी नेता प्रमोद गुप्ता का कहना है कि एटा की जनसभा में राजीव गांधी से मिलने के लिए कार्यकर्ताओं में होड़ थी, लेकिन उस समय तैनात एसडीएम ने कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक रोकने की कोशिश की। इस पर उन्होंने तुरंत ही एसडीएम को टोका फिर कार्यकर्ताओं से वे मिले।