फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Former minister's grandson did not get anticipatory bail from the High Court

UP: पूर्व मंत्री के नाती को हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत, युवती और उसके पिता पर चढ़ा दी थी कार

Sat, 18 May 2024 08:58 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sat, 18 May 2024 08:58 AM IST
सार

पूर्व मंत्री के नाती ने  जूता कारोबारी पिता-पुत्री पर कार चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश की थी। इस मामले में उसे हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिली है। 
 

विज्ञापन
Former minister's grandson did not get anticipatory bail from the High Court
पूर्व मंत्री का नाती दिव्यांश चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के जूता कारोबारी पिता-पुत्री को घर के बाहर कार से कुचलने की कोशिश के आरोपी दिव्यांश चौधरी को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिली। वह पूर्व मंत्री चौधरी उदयभान सिंह के पौत्र हैं। आरोपी के अधिवक्ता ने वैकल्पिक राहत की मांग की थी, जिसमें कहा गया कि दिव्यांश को तीन सप्ताह में कोर्ट में समर्पण करना होगा। तब तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी। जमानत प्रार्थनापत्र पर शीघ्र सुनवाई होगी। उधर, पीड़ित परिवार में पुलिस की लापरवाही से आक्रोश है।
विज्ञापन


 

वारदात 15 अप्रैल को हुई थी। ऋषि मार्ग, शाहगंज निवासी जूता कारोबारी की बेटी लखनऊ में एक अस्पताल में अधिकारी है। वह घर आ रही थी। पिता उन्हें स्टेशन से लेकर घर आए थे। आरोप है कि तभी पूर्व मंत्री का पौत्र दिव्यांश कार से पहुंच गया। आरोप है कि उसने कार से पिता-पुत्री को कुचलने का प्रयास किया। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। परिजन ने जाम लगाया, तब पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। कार भी बरामद कर ली। मगर, आरोपी पकड़ा नहीं जा सका। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ित युवती की तरफ से अधिवक्ता विराट सक्सेना पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी दिव्यांश चौधरी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। मगर, हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत नहीं दी। हालांकि अधिवक्ता ने वैकल्पिक राहत दी। कोर्ट ने प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया। दिव्यांश को तीन सप्ताह में स्थानीय कोर्ट में समर्पण करना होगा। उसके जमानत प्रार्थनापत्र पर तत्काल सुनवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed