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बीएड के फर्जी अभ्यर्थियों को बचाने के लिए भी किया गया फर्जीवाड़ा, विश्वविद्यालय दर्ज कराएगा रिपोर्ट
Sat, 08 Feb 2020 01:12 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 Feb 2020 01:12 PM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विशेष जांच टीम (एसआईटी) की सूची में शामिल डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी अंकपत्र वाले अभ्यर्थियों को बचाने के लिए भी फर्जीवाड़ा किया गया है। विश्वविद्यालय को तीन पत्र भेजकर सूची में शामिल 60 अभ्यर्थियों के नाम हटाने के लिए कहा गया है।
पत्र को डीजी एसआईटी के कार्यालय से जारी दिखाया गया है। डीजी एसआईटी के यहां से ऐसा कोई पत्र जारी किए जाने से इंकार किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन को 21 जनवरी को तीन पत्र प्राप्त हुए। इन्हें 10 जनवरी को पुलिस उपाधीक्षक, एसआईटी के हस्ताक्षर से जारी दिखाया गया। प्रत्येक पत्र में 20-20 अभ्यर्थियों के नाम दिए गए हैं। यह लिखा गया है कि संबंधित अभ्यर्थियों की जांच कर ली गई है।
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पत्र को डीजी एसआईटी के कार्यालय से जारी दिखाया गया है। डीजी एसआईटी के यहां से ऐसा कोई पत्र जारी किए जाने से इंकार किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन को 21 जनवरी को तीन पत्र प्राप्त हुए। इन्हें 10 जनवरी को पुलिस उपाधीक्षक, एसआईटी के हस्ताक्षर से जारी दिखाया गया। प्रत्येक पत्र में 20-20 अभ्यर्थियों के नाम दिए गए हैं। यह लिखा गया है कि संबंधित अभ्यर्थियों की जांच कर ली गई है।
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पत्र में लिखा यह यह
इनका नाम गलती से फर्जी अभ्यर्थियों की सूची में शामिल हो गया है। अभ्यर्थियों को कार्रवाई में शामिल न किया जाए। पत्र पर शक होने पर कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने डीजी एसआईटी से बात की। उन्होंने कार्यालय से किसी प्रकार पत्र जारी किए जाने से मना किया।
प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार की डीआईजी जे. रविंद्र से बात की। इस पर डीआईजी ने शुक्रवार सुबह ई-मेल भेजकर विश्वविद्यालय को बताया कि डीजी एसआईटी के यहां से कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।
प्रभारी कुलसचिव ने बताया कि तीन पत्रों में 60 अभ्यर्थियों की सूची नाम और रोलनंबर के साथ प्राप्त हुई। जांच में पत्र फर्जी पाए गए हैं। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
प्रभारी कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार की डीआईजी जे. रविंद्र से बात की। इस पर डीआईजी ने शुक्रवार सुबह ई-मेल भेजकर विश्वविद्यालय को बताया कि डीजी एसआईटी के यहां से कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।
प्रभारी कुलसचिव ने बताया कि तीन पत्रों में 60 अभ्यर्थियों की सूची नाम और रोलनंबर के साथ प्राप्त हुई। जांच में पत्र फर्जी पाए गए हैं। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।