फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Forest department will guard the eggs of crocodiles iron mesh will be installed

UP: वन विभाग करेगा घड़ियाल के अंडों की रखवाली, लगाई जाएगी लोहे की जाली; जानें किनसे रहता है खतरा

Tue, 04 Feb 2025 10:07 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 04 Feb 2025 10:07 AM IST
सार

घड़ियालों का प्रजनन काल शुरू हो चुका है। मादा मार्च-अप्रैल में अंडे देंगी। इनकी रखवाली करने के लिए वन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। 
 

विज्ञापन
Forest department will guard the eggs of crocodiles iron mesh will be installed
अंडा से बाहर निकला घड़ियाल का बच्चा।

विस्तार

आगरा के बाह में घड़ियालों का प्रजनन काल शुरू हो गया है। मार्च-अप्रैल में मादा चंबल की बालू में घोंसले बनाकर अंडे देगी। जून में हैचिंग होगी। अंडों की सुरक्षा के लिए वन विभाग लोहे की जाली लगाएगा। विभाग ने घड़ियालों की निगरानी शुरू कर दी है।
विज्ञापन


राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में होकर बहने वाली चंबल नदी में लुप्तप्राय घड़ियालों का वर्ष 1981 से संरक्षण हो रहा है। इसके सुखद परिणाम भी दिख रहे हैं। चंबल में घड़ियालों की संख्या 2,534 हो गई है। इनमें से 1,007 बाह रेंज में हैं। बाह के रेंजर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि जनवरी और फरवरी घड़ियालों का प्रजनन काल होता है। मार्च-अप्रैल में मादा नदी किनारे या टापू की बालू पर घोंसले में 35 से 60 अंडे देंगी।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि प्रजनन काल में ही मादा बालू पर घोंसले के लिए जमीन तलाशने लगती हैं। 60 से 80 दिनों बाद अंडे फूटते हैं। जून में हैचिंग से घड़ियालों के बच्चे जन्म लेंगे। बताया कि घड़ियालों पर नजर रखी जा रही है, जिससे उनकी नेस्टिंग को रिकॉर्ड किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंडे देने के बाद वन विभाग जीपीएस लोकेशन के साथ घोंसले पर सुरक्षा के लिहाज से लोहे की जाली लगाएगा। जिससे अंडों को जंगली जानवरों से नष्ट करने का खतरा न रहे। हैचिंग का समय आते ही जाली हटा दी जाती है।


रात में घोंसले की पहरेदारी करती हैं मादा
आमतौर पर मादा घड़ियाल रात में नेस्टिंग करती हैं। रेंजर ने बताया कि रात में मादा घोंसले में अंडों की रखवाली करती हैं। उनको बार-बार घोंसले के पास पहुंचते देखा गया है। दिन में घोंसले के पास नदी के पानी में रहती है। यह सिलसिला अंडे के फूटने तक चलता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed