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आगरा: मौसम के आगे 'धुआं-धुआं' हो गई करोड़ों की आतिशबाजी, नहीं बढ़ा प्रदूषण, स्वच्छ रही दिवाली पर हवा
Tue, 14 Nov 2023 01:26 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 14 Nov 2023 01:26 PM IST
सार
ध्वनि प्रदूषण भी सबसे कम रहा, वहीं वायु प्रदूषण भी इतना अधिक नहीं रहा। 10 साल में पहली बार दिवाली की रात एक्यूआई 158 रहा।
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आतिशबाजी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में दिवाली पर करोड़ों रुपये की आतिशबाजी हुई। पर, इस बार प्रदूषण उतना नहीं हो सका, जितना पहले होता था। मौसम की वजह से आतिशबाजी का धुआं, हवा में गुम हो गया। एक्यूआई 158 पर रहने से 10 साल में पहली बार दिवाली की रात हवा सबसे स्वच्छ रही। यह रिकॉर्ड बन गया। ध्वनि प्रदूषण के मामले में भी दिवाली अच्छी रही। यह भी 10 साल में सबसे कम मात्र 70 डेसिबल रिकॉर्ड की गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स में आगरा का एक्यूआई दिवाली की शाम चार बजे 73 दर्ज किया गया। 13 नवंबर को यह 158 पर आ गया, जो 10 साल में दिवाली की रात सबसे कम है। पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक हवा, तापमान और आर्द्रता का असर एयर क्वालिटी पर पड़ा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली से एक दिन पहले और एक दिन बाद कुल तीन दिनों तक शहर में वायु और ध्वनि प्रदूषण की जांच की, जिसमें वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण में भी इस बार कमी दर्ज की गई है।
बीते साल के मुकाबले न केवल एयर क्वालिटी इंडेक्स में गिरावट आई, बल्कि पीएम कणों, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे पैरामीटर बीते साल से कम दर्ज किए गए।
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संजय प्लेस में आधे रह गए पीएम कण
बीते साल 2022 में संजय प्लेस में दिवाली की रात पर्टिकुलैट मैटर 2.5 की मात्रा 312 दर्ज की गई थी, जबकि इस बार इनकी संख्या 152 है। इसी तरह पीएम 10 कणों की मात्रा 178 से घटकर 119 रह गई। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा 25 से गिरकर 13 पर पहुंच गई, वहीं कार्बन मोनो ऑक्साइड 46 से बढ़कर 86 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया।
दिवाली साल एक्यूआई
2023 158
2022 175
2021 429
2020 347
2019 319
2018 231
2017 425
तीन साल में एक तिहाई
दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस पर हुई बारिश और नमी के कारण धूल कणों में बेहद कमी आ गई थी। धनतेरस पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 77 रहा तो छोटी दिवाली पर 73 दर्ज किया गया। दिवाली पर यह 158 पर आ गया। न केवल संजय प्लेस, बल्कि रोहता, आवास विकास काॅलोनी, शास्त्रीपुरम क्षेत्र में प्रदूषण स्तर बीते सालों से कम रहा। केवल ताजमहल पर ही यह 164 से बढ़कर 194 पर पहुंच गया। यहां शाहजहां पार्क मेट्रो स्टेशन की खुदाई के कारण पीएम कणों की मात्रा बढ़ी है।
ऐसे कम हुआ शहर में प्रदूषण
जगह 2021 2022 2023
संजय प्लेस 435 312 152
रोहता 458 241 157
आवास विकास 427 196 170
ताजमहल 525 164 194
शास्त्रीपुरम 402 89 146
प्रदेश में दूसरा सबसे स्वच्छ हवा का शहर
पूरे प्रदेश में आगरा दिवाली के दिन सबसे अच्छी हवा वाले शहरों में दूसरे नंबर पर रहा। वृंदावन में एक्यूआई 119 दर्ज किया गया, जबकि आगरा में यह 158 रहा। तीसरे नंबर पर वाराणसी की हवा रही, जहां एक्यूआई 192 दर्ज किया गया। इसके अलावा 200 से 300 एक्यूआई वाले शहरों में फिरोजाबाद, बरेली, लखनऊ, झांसी, कानपुर और प्रयागराज हैं। बागपत प्रदेश में सबसे प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 385 दर्ज किया गया। आगरा से सटे भरतपुर में एक्यूआई 346 और धौलपुर में 310 रिकॉर्ड किया गया।
काफी सुधार दिखा
सीपीसीबी आगरा लैब प्रभारी कमल कुमार ने बताया कि आगरा की एयर क्वालिटी में बीते सालों की अपेक्षा दिवाली पर काफी सुधार दिखा है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनका अध्ययन चल रहा है। प्रमुख रूप से हवा, तापमान और आर्द्रता के कारण एक्यूआई में सुधार नजर आया है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स में आगरा का एक्यूआई दिवाली की शाम चार बजे 73 दर्ज किया गया। 13 नवंबर को यह 158 पर आ गया, जो 10 साल में दिवाली की रात सबसे कम है। पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक हवा, तापमान और आर्द्रता का असर एयर क्वालिटी पर पड़ा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली से एक दिन पहले और एक दिन बाद कुल तीन दिनों तक शहर में वायु और ध्वनि प्रदूषण की जांच की, जिसमें वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण में भी इस बार कमी दर्ज की गई है।
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बीते साल के मुकाबले न केवल एयर क्वालिटी इंडेक्स में गिरावट आई, बल्कि पीएम कणों, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे पैरामीटर बीते साल से कम दर्ज किए गए।
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संजय प्लेस में आधे रह गए पीएम कण
बीते साल 2022 में संजय प्लेस में दिवाली की रात पर्टिकुलैट मैटर 2.5 की मात्रा 312 दर्ज की गई थी, जबकि इस बार इनकी संख्या 152 है। इसी तरह पीएम 10 कणों की मात्रा 178 से घटकर 119 रह गई। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा 25 से गिरकर 13 पर पहुंच गई, वहीं कार्बन मोनो ऑक्साइड 46 से बढ़कर 86 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया।
दिवाली साल एक्यूआई
2023 158
2022 175
2021 429
2020 347
2019 319
2018 231
2017 425
तीन साल में एक तिहाई
दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस पर हुई बारिश और नमी के कारण धूल कणों में बेहद कमी आ गई थी। धनतेरस पर एयर क्वालिटी इंडेक्स 77 रहा तो छोटी दिवाली पर 73 दर्ज किया गया। दिवाली पर यह 158 पर आ गया। न केवल संजय प्लेस, बल्कि रोहता, आवास विकास काॅलोनी, शास्त्रीपुरम क्षेत्र में प्रदूषण स्तर बीते सालों से कम रहा। केवल ताजमहल पर ही यह 164 से बढ़कर 194 पर पहुंच गया। यहां शाहजहां पार्क मेट्रो स्टेशन की खुदाई के कारण पीएम कणों की मात्रा बढ़ी है।
ऐसे कम हुआ शहर में प्रदूषण
जगह 2021 2022 2023
संजय प्लेस 435 312 152
रोहता 458 241 157
आवास विकास 427 196 170
ताजमहल 525 164 194
शास्त्रीपुरम 402 89 146
प्रदेश में दूसरा सबसे स्वच्छ हवा का शहर
पूरे प्रदेश में आगरा दिवाली के दिन सबसे अच्छी हवा वाले शहरों में दूसरे नंबर पर रहा। वृंदावन में एक्यूआई 119 दर्ज किया गया, जबकि आगरा में यह 158 रहा। तीसरे नंबर पर वाराणसी की हवा रही, जहां एक्यूआई 192 दर्ज किया गया। इसके अलावा 200 से 300 एक्यूआई वाले शहरों में फिरोजाबाद, बरेली, लखनऊ, झांसी, कानपुर और प्रयागराज हैं। बागपत प्रदेश में सबसे प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 385 दर्ज किया गया। आगरा से सटे भरतपुर में एक्यूआई 346 और धौलपुर में 310 रिकॉर्ड किया गया।
काफी सुधार दिखा
सीपीसीबी आगरा लैब प्रभारी कमल कुमार ने बताया कि आगरा की एयर क्वालिटी में बीते सालों की अपेक्षा दिवाली पर काफी सुधार दिखा है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनका अध्ययन चल रहा है। प्रमुख रूप से हवा, तापमान और आर्द्रता के कारण एक्यूआई में सुधार नजर आया है।