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फ्लाइंग लेफ्टिनेंट चमन कुमार की आत्महत्या के पीछे साजिश, एसएसपी से जांच की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 17 Aug 2018 11:50 AM IST
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फ्लाइट लेफ्टिनेंट चमन कुमार (फाइल फोटो)
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आगरा एयरफोर्स स्टेशन में तैनात फ्लाइट लेफ्टिनेंट चमन कुमार (29) के फांसी लगाकर जान देने के मामले में उनके परिजन एसएसपी अमित पाठक से मिले। उनका कहना है कि इस घटना के पीछे बड़ी साजिश है।
चमन कुमार का पत्नी पूर्णिमा से विवाद चल रहा था। इसका केस भी कोर्ट में था। कुछ अफसर भी चमन कुमार को परेशान कर रहे थे, उन्हें मानसिक रूप से बीमार घोषित किए जाने तक की साजिश की गई। इसके लिए उन्हें दवाइयों की हैवी डोज दी गई। इसकी जांच होनी चाहिए।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि चमन कुमार के परिवार के सुमन और सौरभ एसएसपी से मिले। उनका कहना था कि चमन कुमार की पत्नी पूर्णिमाश्री भी फ्लाइंग लेफ्टिनेंट हैं और हैदराबाद में तैनात हैं।
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चमन कुमार का पत्नी पूर्णिमा से विवाद चल रहा था। इसका केस भी कोर्ट में था। कुछ अफसर भी चमन कुमार को परेशान कर रहे थे, उन्हें मानसिक रूप से बीमार घोषित किए जाने तक की साजिश की गई। इसके लिए उन्हें दवाइयों की हैवी डोज दी गई। इसकी जांच होनी चाहिए।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि चमन कुमार के परिवार के सुमन और सौरभ एसएसपी से मिले। उनका कहना था कि चमन कुमार की पत्नी पूर्णिमाश्री भी फ्लाइंग लेफ्टिनेंट हैं और हैदराबाद में तैनात हैं।
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पति-पत्नी के चल रहा था विवाद
चमन और पूर्णिमा के बीच विवाद चल रहा था। अधिकारियों ने समझौता कराया था। चमन कुमार की पोस्टिंग जनवरी 2018 में एनडीए इंस्ट्रक्टर के रूप में हो गई थी।
आशंका है कि पूर्णिमा के दबाव में उन्हें ज्वाइन नहीं करने दिया गया। इसके लिए साजिश रची गई। यह तक कहा गया कि चमन कुमार ने आत्महत्या की कोशिश की। उनकी दिमागी हालत असमान्य बताकर उनका उपचार कराया गया। डॉक्टरों द्वारा चार साल के लिए फ्लाइट के लिए अयोग्य करार दे दिया गया।
उनका कहना है कि चमन कुमार ने सर्विस रिकॉर्ड में अपना एनओके (नेक्सट ऑफ किन) तथा नामिनी (मृत्यु उपरांत हकदार) अपनी माता व भाई -बहन को लाभार्थी बनाने के लिए आवेदन किया गया था। इसे लिपिकीय त्रुटि बताकर वापस कर दिया गया।
अधिकारी कह रहे हैं कि जो सर्विस रिकॉर्ड में नॉमिनी है, वही मान्य होगा। उन्होंने एसएसपी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कराई जाए। एसएसपी ने भरोसा दिया है कि निष्पक्षता के साथ जांच कराई जाएगी।
आशंका है कि पूर्णिमा के दबाव में उन्हें ज्वाइन नहीं करने दिया गया। इसके लिए साजिश रची गई। यह तक कहा गया कि चमन कुमार ने आत्महत्या की कोशिश की। उनकी दिमागी हालत असमान्य बताकर उनका उपचार कराया गया। डॉक्टरों द्वारा चार साल के लिए फ्लाइट के लिए अयोग्य करार दे दिया गया।
उनका कहना है कि चमन कुमार ने सर्विस रिकॉर्ड में अपना एनओके (नेक्सट ऑफ किन) तथा नामिनी (मृत्यु उपरांत हकदार) अपनी माता व भाई -बहन को लाभार्थी बनाने के लिए आवेदन किया गया था। इसे लिपिकीय त्रुटि बताकर वापस कर दिया गया।
अधिकारी कह रहे हैं कि जो सर्विस रिकॉर्ड में नॉमिनी है, वही मान्य होगा। उन्होंने एसएसपी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कराई जाए। एसएसपी ने भरोसा दिया है कि निष्पक्षता के साथ जांच कराई जाएगी।