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पानी की निकासी न होने से कई गांव में हैं परेशानियां
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कासगंज। पिछले तीन दिनों से गंगा का जलस्तर स्थिर है। अभी पानी कम नहीं हो रहा। इस कारण बाढ़ प्रभावित कई गांव में अभी तक पानी की निकासी नहीं हो पाई है। ग्रामीण लगातार इस संकट से परेशान हो रहे हैं। हालांकि आगामी दिनों में जलस्तर कम होने की उम्मीद है। पानी भरा होने के कारण ज्यादातर फसलें खराब हो चुकी हैं।
रविवार को भी कछला पर गंगा नदीं का जलस्तर 163.60 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में अधिक पानी होने के कारण गंगा के घाटों पर भी श्रद्धालुओं को गंगास्नान करने में दिक्कतें हो रहीं हैं। कछला में सड़क किनारे तक गंगा का पानी आ चुका है। किनारे बैठकर ही श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं।
नगला मुंता, नगला मोहन, खिमाई नगला, पनसोती नगला, नगला मनी, नगला खेड़ा, नगला डामर, जिजौल, नगला खुर्द, बझेरा, नगला जगमोहन, नौली फतुहाबाद, रामताल, टिकुरी नगला, नगला दुलार, सिकहरा आदि गांव में पहले गंगा का काफी पानी भरा हुआ था, लेकिन तीन दिन पहले जलस्तर कुछ कम हुआ और उसके बाद स्थिर हुआ। इस बीच पानी की निकासी ग्रामीण इलाकों से हुई है, लेकिन अभी भी पूरी तरह से पानी नहीं निकल सका है। निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है।
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जलस्तर का लेखा जोखा
- 73674 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 50346 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 83374 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
- बाढ़ का प्रभाव लगातार कम हो रहा है। हालांकि जलस्तर अभी स्थिर है। जल्द ही जलस्तर और कम होगा और ग्रामीणों को राहत मिलेगी- पंजाबी शर्मा, सहायक बाढ़ प्रभारी।
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रविवार को भी कछला पर गंगा नदीं का जलस्तर 163.60 मीटर दर्ज किया गया। गंगा में अधिक पानी होने के कारण गंगा के घाटों पर भी श्रद्धालुओं को गंगास्नान करने में दिक्कतें हो रहीं हैं। कछला में सड़क किनारे तक गंगा का पानी आ चुका है। किनारे बैठकर ही श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं।
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नगला मुंता, नगला मोहन, खिमाई नगला, पनसोती नगला, नगला मनी, नगला खेड़ा, नगला डामर, जिजौल, नगला खुर्द, बझेरा, नगला जगमोहन, नौली फतुहाबाद, रामताल, टिकुरी नगला, नगला दुलार, सिकहरा आदि गांव में पहले गंगा का काफी पानी भरा हुआ था, लेकिन तीन दिन पहले जलस्तर कुछ कम हुआ और उसके बाद स्थिर हुआ। इस बीच पानी की निकासी ग्रामीण इलाकों से हुई है, लेकिन अभी भी पूरी तरह से पानी नहीं निकल सका है। निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है।
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जलस्तर का लेखा जोखा
- 73674 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 50346 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 83374 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
- बाढ़ का प्रभाव लगातार कम हो रहा है। हालांकि जलस्तर अभी स्थिर है। जल्द ही जलस्तर और कम होगा और ग्रामीणों को राहत मिलेगी- पंजाबी शर्मा, सहायक बाढ़ प्रभारी।