{"_id":"6a8721ccececdb59c8068e3f","slug":"flies-and-mosquitoes-were-found-floating-in-milk-food-department-team-had-it-destroyed-2026-08-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: दूध में तैर रहे थे मक्खी-मच्छर, टैंकर से आ रही थी बदबू; खाद्य विभाग की टीम ने 1998 लीटर कराया नष्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: दूध में तैर रहे थे मक्खी-मच्छर, टैंकर से आ रही थी बदबू; खाद्य विभाग की टीम ने 1998 लीटर कराया नष्ट
Thu, 20 Aug 2026 09:35 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 20 Aug 2026 09:35 PM IST
सार
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। खाद्य विभाग की टीम ने दो टैंकरों में जांच के बाद 1988 लीटर दूध नष्ट कराया है। दूध में मक्खी-मच्छर तैर रहे थे। साथ ही दुर्गंध भी आ रही थी। टीम की ओर से नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
विज्ञापन
जांच करती खाद्य विभाग की टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मिलावट के साथ खाद्य सामग्री के रखरखाव में भी लापरवाही बरती जा रही है। खाद्य विभाग की टीम ने दो टैंकरों में भरा 1998 लीटर दूध नष्ट कराया है। इसकी अवैध तरीके से बिक्री हो रही थी। दूध में दुर्गंध आने के साथ मक्खी-मच्छर भी तैरते मिले। मिलावटी और सेहत के लिए असुरक्षित मानते हुए टीम ने इसे नष्ट कराते हुए जांच को नमूने लिए हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मिलावटी दूध की बिक्री की शिकायत पर एमजी रोड से गुजर रहे दूध से भरे टैंकरों को रोका। जांच करने पर दूध का रंग मटमैला था, दुर्गंध भी आ रही थी। इसमें मक्खी-मच्छर भी पड़े थे। इनको छान कर नहीं भरा गया था। दूध के लिए जरूरी तापमान भी नियंत्रित नहीं किया जा रहा था। चालक अजय निवासी जलेसर से इसका लाइसेंस और बिल मांगा तो दिखा नहीं पाया। इसमें 998 लीटर दूध को नष्ट करा दिया। इसकी कीमत 54890 रुपये थी।
विज्ञापन
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मिलावटी दूध की बिक्री की शिकायत पर एमजी रोड से गुजर रहे दूध से भरे टैंकरों को रोका। जांच करने पर दूध का रंग मटमैला था, दुर्गंध भी आ रही थी। इसमें मक्खी-मच्छर भी पड़े थे। इनको छान कर नहीं भरा गया था। दूध के लिए जरूरी तापमान भी नियंत्रित नहीं किया जा रहा था। चालक अजय निवासी जलेसर से इसका लाइसेंस और बिल मांगा तो दिखा नहीं पाया। इसमें 998 लीटर दूध को नष्ट करा दिया। इसकी कीमत 54890 रुपये थी।
विज्ञापन
दूसरे टैंकर का भी यही हाल रहा। इसमें 1000 लीटर दूध भरा हुआ था। इसकी कीमत करीब 55 हजार रुपये बताई। चालक उमेश निवासी जलेसर के पास भी दूध की बिक्री के बिल और लाइसेंस नहीं मिला। पूछताछ में दोनों पानी की मिलावट की बात स्वीकारी, लेकिन इसमें अन्य रसायन मिलने की आशंका मिली। जांच में नमूने फेल मिलने पर विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा मुड़ी चौराहा से दो टैंकरों से दो नमूने लिए। यहीं संचालित डेयरी से भी दूध का नमूना लिया है। अहारन और नादऊ से दूध की टंकी और फतेहपुर सीकरी की भोला डेयरी और लाइफ डेयरी से दूध का नमूना लिया है। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र चौरसिया, आशुतोष कुमार सिंह, राकेश यादव, श्वेता चक्रवर्ती आदि रहे।
ऑन डिमांड दूध की आपूर्ति, डेयरी की जाएंगी चिह्नित
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि चालकों से पूछताछ में बताया कि ये ऑन डिमांड दूध की विभिन्न डेयरी पर आपूर्ति करते हैं। रक्षाबंधन के चलते घेवर, रबड़ी, खोआ समेत अन्य के लिए दूध की मांग दो से तीन गुना तक बढ़ गई है। ऐसे में इनसे किन-किन डेयरी को दूध बेचा जा रहा है, इसकी जानकारी जुटाकर उनके यहां भी जांच की जाएगी।
ऑन डिमांड दूध की आपूर्ति, डेयरी की जाएंगी चिह्नित
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि चालकों से पूछताछ में बताया कि ये ऑन डिमांड दूध की विभिन्न डेयरी पर आपूर्ति करते हैं। रक्षाबंधन के चलते घेवर, रबड़ी, खोआ समेत अन्य के लिए दूध की मांग दो से तीन गुना तक बढ़ गई है। ऐसे में इनसे किन-किन डेयरी को दूध बेचा जा रहा है, इसकी जानकारी जुटाकर उनके यहां भी जांच की जाएगी।
ऐसे करें मिलावटी-नकली दूध की पहचान
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि एक घूंट दूध पीकर कुल्ला कर दें। शुरू में मीठा और फिर कसैला लगता है। ऐसे में ये सिंथेटिक दूध हो सकता है। दूध की बूंद जमीन पर डालें, ये तेजी से फैले तो पानी की मिलावट है। मिलावटी-घटिया दूध पीने से पेट रोग का खतरा अधिक है।
मिलावटी-नकली दूध की यहां करें शिकायत:
टोल फ्री नंबर 18001805533, कार्यालय 0562-2970049 (सुबह 10 से शाम 5 बजे तक)
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि एक घूंट दूध पीकर कुल्ला कर दें। शुरू में मीठा और फिर कसैला लगता है। ऐसे में ये सिंथेटिक दूध हो सकता है। दूध की बूंद जमीन पर डालें, ये तेजी से फैले तो पानी की मिलावट है। मिलावटी-घटिया दूध पीने से पेट रोग का खतरा अधिक है।
मिलावटी-नकली दूध की यहां करें शिकायत:
टोल फ्री नंबर 18001805533, कार्यालय 0562-2970049 (सुबह 10 से शाम 5 बजे तक)