आगरा मुठभेड़ से यादें हुईं ताजा: लाइव एनकाउंटर में 28 साल पहले मारे गए थे पांच बदमाश
आगरा पुलिस पूर्व में भी बदमाशों को ढेर कर चुकी है। 22 दिसंबर 1992 को पुलिस ने एक साथ पांच बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया था। शनिवार को दो बदमाश मुठभेड़ में मारे गए।
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आगरा में किसी बदमाश का एनकाउंटर पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी बदमाशों को पुलिस मार गिराती रही है। 28 साल पहले पनवारी में पुलिस ने रामनिवास गैंग के पांच बदमाशों को मार गिराया था। उनसे दो अपहृत मुक्त कराए थे। तब गांव के लोगों ने लाइव मुठभेड़ भी देखी थी। पुलिस टीम का सम्मान किया गया था।
इस बारे में सेवानिवृत्त सीओ बीएस त्यागी बताते हैं कि 22 दिसंबर 1992 का दिन आज भी याद है। वह थाना थानाध्यक्ष सिकंदरा थे। तभी लोगों ने सूचना दी कि गांव पनवारी में बदमाश आ गए हैं। इस पर वो चार पुलिसकर्मियों के साथ पहुंच गए। बदमाशों को घेर लिया। रामनिवास गैंग के सदस्यों ने दो किसानों को बंधक बना रखा था।
ताजगंज क्षेत्र से अपहरण करके लाए थे। बदमाश पुलिस की वर्दी में थे। उन पर थ्री नॉट थ्री, 30 स्प्रिंग फील्ड गन और डबल बैरल बंदूक थी। रामनिवास चला गया था। तब एके जैन एसएसपी थे, जबकि जीके अग्रवाल एसपी सिटी। सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ अधिकारी पहुंचे थे।
नौ किमी पीछा कर बदमाशों को मारा
पता चला कि बदमाश खेतों में फसल के बीच छिपे थे। तभी एक बच्चा खेलता हुआ चला गया। बच्चे को बदमाशों ने कुछ खाने के लिए दे दिया। तभी बदमाशों पर नजर बच्चे की मां की पड़ गई। उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो बदमाश भागने लगे। पुलिस भी पहुंच गई थी।
पनवारी, जऊपुरा, अटूस और सदरवन में बदमाश भागे थे। नौ किलोमीटर तक पीछा करके पांच बदमाशों को मार गिराया गया था। अपहृत को मुक्त करा लिया था। यह लाइव मुठभेड़ थी। तकरीबन दो हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जुट गई थी। दो लोगों को मुक्त कराने वाली पुलिस टीम का गांव के लोगों ने सम्मान किया था।
मकान में घेरा था गुलाम नवी
सेवानिवृत्त सीओ बीएस त्यागी बताते हैं कि मंटोला निवासी गुलाम नवी पर कई मुकदमे दर्ज थे। वह हत्या करता था। मंटोला में एक हत्या के मामले में फरार था। वर्ष 1994 में उसके मोहल्ला कंसखार के एक मकान में छिपे होने की जानकारी मिली थी।
इसके अलावा भी एनकाउंटर
वर्ष 1995 में में 50 हजार के इनामी बदमाश देवेंद्र चौधरी को पुलिस ने घेरा था। उसने पुलिस की सुरक्षा में दो हत्या की थी। इनमें आगरा में जॉली और मथुरा में एक पार्टी के अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह यादव को मारा था। पुलिस देवेंद्र की तलाश में लगी थी।
आगरा किले के पास देवेंद्र चौधरी को पुलिस ने घेरा था। उसे मार गिराया था। इसके अलावा बीएस त्यागी ने एसटीएफ में रहते हुए नैनी जेल में बंद आरोपी नीरज दो सिपाहियों की हत्या करके फरार हो गया था। उसे पुलिस ने पश्चिमपुरी रोड पर घेर लिया था। नीरज का एनकाउंटर किया था।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
शनिवार (17 जुलाई) को एत्मादपुर में पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को ढेर कर दिया। यह दोनों मणप्पुरम गोल्ड कंपनी के दफ्तर से साढ़े नौ करोड़ का सोना लूटकर भाग रहे थे। मारे गए आरोपियों के नाम मनीष और निर्दोष है। दोनों बदमाशों के शवों के पोस्टमार्टम रविवार रात को डाक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। 30 घंटे बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द किया गया।