आगरा: 'डकैत' का गिरोह सराफों को बना रहा था निशाना, सरगना सहित पांच गिरफ्तार
पुलिस ने ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो सराफों को निशाना बना रहा था। इसक सरगना नुरूद्दीन उर्फ डकैत है। इस गिरोह ने दो सराफ के 20 लाख से अधिक के जेवरात चुराए थे।
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आगरा के कोतवाली क्षेत्र के सराफ बाजार में आभूषण की खरीदारी करने आने वाले व्यापारी फिरोजाबाद के नुरूद्दीन उर्फ डकैत के गिरोह के निशाने पर रहते थे। सरगना डकैत अपने साथियों की मदद से आभूषण चोरी करके फरार हो जाता था। पुलिस ने शुक्रवार को डकैत सहित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक सराफ भी शामिल है, जिसे सरगना अपनी बहन की मदद से आभूषण बेचा करता था।
सादाबाद के गांव मई निवासी सराफ अजय वर्मा दो अप्रैल को नमक की मंडी में आए थे। लौटते समय उनके बैग की चेन खोलकर 300 ग्राम सोने के आभूषण चोरी कर लिए गए थे। इसी तरह दो अगस्त को कोतवाली क्षेत्र के सराफ जोशीन के कर्मचारी के बैग की चेन खोलकर दस लाख रुपये के सोने के आभूषण चोरी कर लिए गए थे।
एसएसपी मुनिराज जी. के मुताबिक, घटना के खुलासे के लिए कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र पांडेय को टीम के साथ लगाया गया। शुक्रवार को पुलिस ने बिजलीघर से पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें फिरोजाबाद निवासी नुरूद्दीन उर्फ डकैत, शोएब उर्फ मुन्ना, वीरू, हैदर और सराफ आशीष कुमार हैं।
दो आरोपी फिरोजाबाद निवासी कफिल कुरैशी और ताजगंज स्थित कांशीराम आवास निवासी नाजरीन उर्फ भुर्रो फरार है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 638 ग्राम पीली धातु के आभूषण बरामद किए गए। सरगना नुरूद्दीन है। वह अपने साथियों के साथ भीड़भाड़ वाले बाजार में सक्रिय रहता है।
जिसको शिकार बनाना होता है, उसके आगे सरगना खुद चलता है। मुन्ना उसके पीछे हो जाता है। वह बैग की जेब काटने और खोलने में माहिर है। बाकी साथी दूर-दूर चलते हैं। अगर, कोई पकड़ा जाता है तो बाकी साथी आ जाते हैं। बचाव करके साथी को लेकर निकल जाते हैं। चोरी करके अलग-अलग जाते हैं।
सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से मिला सुराग
थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र पांडेय ने बताया कि अजय वर्मा के बैग से हुई चोरी में पूर्व में पुलिस को एक संदिग्ध का सीसीटीवी कैमरे में फुटेज मिला था। उसकी पहचान नहीं हो सकी। दो अगस्त को सराफ जोशीन के कर्मचारी से बैग चोरी की घटना के बाद सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में भी एक संदिग्ध रिक्शे में जाता नजर आया।
पूर्व में चोरी करने वाले से फुटेज मिल गया। इस पर संदिग्ध का रूट देखा गया। सौ से अधिक कैमरे खंगाले। वह ताजगंज स्थित कांशीराम आवास योजना तक गया था। इस पर पुलिस ने वहां पहुंचकर लोगों को फुटेज दिखाकर पहचान कराई। उसे मुन्ना के रूप में पहचान लिया गया।
वह क्षेत्र में रहने वाली नाजरीन उर्फ भुर्रो के घर पर आता था। पुलिस उस तक पहुंच गई। मुन्ना के फिरोजाबाद में रहने की जानकारी मिली। नाजरीन गैंग के सरगना डकैत की बहन निकली। बाद में पुलिस ने गैंग के बारे में जानकारी जुटा ली। आशीष कुमार सराफ है। उनकी शाहगंज में दुकान है। नाजरीन उसे जेवरात बेचने जाती थी।