{"_id":"6083ee4e8ebc3e8dba090933","slug":"five-hours-wait-to-perform-last-rites-of-bodies-at-tajganj-crematorium-in-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा: पांच घंटे इंतजार के बाद हो सका अंतिम संस्कार, ताजगंज श्मशान घाट पर एक दिन में पहुंचे 48 शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा: पांच घंटे इंतजार के बाद हो सका अंतिम संस्कार, ताजगंज श्मशान घाट पर एक दिन में पहुंचे 48 शव
Sat, 24 Apr 2021 03:40 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 24 Apr 2021 03:40 PM IST
सार
आगरा के श्मशान घाटों पर शवों के पहुंचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज नई सुबह के साथ ही जलती लाशों का मंजर देखकर लोगों की रूह कांप जाती है।
विज्ञापन
ताजगंज श्मशान घाट पर जलतीं चिताएं, अंतिम संस्कार के इंतजार में रखे शव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के ताजगंज श्मशान घाट पर लगातार शवों का पहुंचना जारी है। शुक्रवार को विद्युत शवदाह गृह पर परिजनों को अपने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए पांच घंटे तक का इंतजार करने पड़ा। रात तक शवदाह गृह में 48 शवों के साथ उनके परिजन अंतिम संस्कार करने के लिए पहुंचे। रात दो बजे तक अंतिम संस्कार होते रहे।
विज्ञापन
पिछले छह दिन से हर रोज श्मशान घाट पर वेटिंग चल रही है। टोकन सिस्टम लागू करने के बाद भी लोगों को अपना शव जलाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अशोक गोयल का कहना है कि विद्युत शवदाह गृह पर काफी लोड बढ़ गया है। संक्रमण के कारण अहमदाबाद से टेक्नीशियन नहीं आ पा रहे हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर ही एक टेक्नीशियन लगा रखा है।
विज्ञापन
इतने शव पहले कभी नहीं देखे
विद्युत शवदाह गृह के प्रभारी संजीव कुमार गुप्ता का कहना है कि उन्होंने इतने शव पहले कभी नहीं देखे। शवों की ओर इशारा करते हुए गुप्ता कहते हैं कि एक, दो, तीन, चार.. न जाने कितने और..। इस डर में ही पूरा दिन निकल जाता है। हर रोज 35 से 40 शव आ रहे हैं। कभी-कभी वेटिंग पांच घंटे तक हो जाती है। रात में दो बजे तक शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। हमारे सेवादार दस दिन से दिन-रात सेवा में लगे हैं।
विज्ञापन
बल्केश्वर घाट पर पहुंच रहे ज्यादा शव
ताजगंज श्मशान घाट पर चिताओं को स्थान नहीं मिलने से शहर के दूसरे बल्केश्वर श्मशान घाट पर शवों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यहां पर जहां एक अप्रैल तक तीन से चार शव आ रहे थे, वहीं 13 अप्रैल के बाद हर रोज लगभग 25 शव पहुंच रहे हैं। इस समय श्मशान में चिता को सजाने वाले पांच स्थानों के बीच की खाली जगह पर भी शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।